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रिसेप्शन पार्टी में पुलिसकर्मी ने चलाईं गोलियां, दूल्हे की मौसेरी बहन और भाई अस्पताल में भर्ती 

Mon, 26 Feb 2018 10:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक चित्र
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास इलाके में शादी के रिसेप्शन की पार्टी में मामूली झगड़े के बाद दिल्ली पुलिस के एक सिपाही ने साथी पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल से ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। दूल्हे की मौसेरी बहन पूजा गुप्ता (34) और मौसेरे भाई मनोज गुप्ता (36) को एक-एक गोलियां लगीं।

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उन्हें जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इधर, समारोह में मौजूद लोगों ने आरोपी से पिस्टल छीन ली और बाद में पहुंची पुलिस को सौंप दी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर स्पेशल सेल में तैनात सिपाही नईम खान और एएसआई इंतखाब आलम को बर्खास्त कर दिया। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, परिवार के साथ सी-11/498, शेरपुर चौक में रहने वाले मोनू की शादी हुई है। शनिवार को इसका रिसेप्शन बीआर वाटिका में था। सिपाही नईम खान मोनू के पड़ोस में रहता है। मोनू की मौसी की बेटी भजनपुरा से परिवार के साथ आई थी। उसका भाई मनोज सीलमपुर से आया था।
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कार्यक्रम के दौरान नईम का दोस्त एएसआई इंतखान आलम भी था। इसी दौरान दूल्हा-दुल्हन के फोटो खींचने को लेकर नईम का फोटोग्राफर से विवाद हो गया। कहासुनी के दौरान नईम बुरी तरह भड़क गया और इंतखाब की सरकारी पिस्टल ले ली।


पिस्टल लाते देखकर मनोज बीच-बचाव के लिए आया। नईम ने एक गोली हवा में चलाई। धक्का-मुक्की के दौराइन नईम गोलियां चलाता रहा। एक गोली मनोज के हाथ में लगी, जबकि दूसरी उसकी बहन पूजा की के पैर में। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने पीसीआर को कॉल कर आरोपियों से पिस्टल छीन ली। अस्पताल में पूजा और मनोज का इलाज चल रहा है। इधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने नईम व इंतखाब को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

पिस्टल लूटने की झूठी सूचना दी
करीब 11:10 बजे पार्टी में गोली चलने की सूचना पुलिस नियंत्रण कक्ष को मिली थी। उस समय गोली चलाने वालों के पुलिसकर्मी होने की बात नहीं पता थी। दोनों सादे कपड़ों में पार्टी में गए थे। भीड़ ने पिस्स्टल छीन ली तो आरोपियों ने 11:40 बजे सरकारी पिस्टल लूटने की झूठी सूचना दे दी। इधर, दूल्हे के परिवार का आरोप है कि परिवार घायलों को अस्पताल लेकर गया तो आरोपियों ने पिस्टल की तलाश में घर में लगे ताले भी तोड़ डाले।

बाद में लोकल पुलिस पहुंची तो लोगों ने सरकारी पिस्टल सौंप दी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस तरह सर्विस पिस्टल के इस्तेमाल को बड़ी लापरवाही मानते हुए दोनों को बर्खास्त कर दिया।
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हत्या के प्रयास व अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है। दोनों पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। 
 

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