प्रद्युम्न मर्डर केस में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। CBI सूत्रों के मुताबिक जांच में पता चला है कि गुरुग्राम पुलिस ने प्रद्युम्न मर्डर केस में सबूतों के साथ छेड़छाड़ की थी। पुलिस ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की थी।
Investigation in #PradyumanMurderCase has revealed illegality and destruction of evidence by Gurugram Police: CBI Sources pic.twitter.com/5P5cCOU3rw
— ANI (@ANI) November 12, 2017
सीबीआई जांच में ये बात सामने आई है कि पुलिस ने शुरुआती छानबीन के दौरान लापरवाही और जल्दबाजी की। सीबीआई जांच में ये पता चला है कि जल्द से जल्द केस सुलझाने के चक्कर में गुरुग्राम पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक कुमार को आरोपी बना दिया था। यही नहीं उसके पास से हथियार पाए जाने का भी दावा किया।
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अब सीबीआई सूत्रों के हवाले से खबर आर रही है कि हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू आरोपी छात्र ने सब्जी मंडी से खरीदा था। इस तरह से गुरुग्राम पुलिस द्वारा किया गया दावा कि चाकू अशोक ने आगरा से खरीदा था और बस की टूल किट से लेकर स्कूल में गया था यह आधारहीन है।
इसके साथ ही उस वक्त मीडिया के सामने अशोक द्वारा गुनाह कबूल किए जाने को लेकर भी अब कहा जा रहा है कि उसने पुलिस के भारी दबाव में आकर ऐसा किया था।