पलवली गांव में एक पांच लोगों के सामूहिक हत्याकांड के चौथे दिन बृहस्पतिवार को पुलिस आयुक्त डॉ. हनीफ कुरैशी और जिला उपायुक्त समीर पाल सरो गांव की शांति व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे। हत्याकांड से दुखी गांव वालों ने दोनों अधिकारियों से कई तरह की मांग रखीं, इनमें से कैंडल मार्च निकालने की मांग मानी गई जबकि अन्य के लिए शासन को लिखने का आश्वासन दिया गया। उद्योग मंत्री विपुल गोयल भी गांव वालों और पीड़ित परिवार से मिले। इधर रिमांड की मियाद पूरी होने पर हत्याकांड के 14 आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पलवली
- फोटो : अमर उजाला
आरोपियों की संपत्ति जब्त कर रासुका लगाने की मांग
पुलिस आयुक्त डॉ. हनीफ कुरैशी और जिला उपायुक्त समीर पाल सरो दोपहर करीब एक बजे पलवली गांव पहुंचे। गांव में सन्नाटा और ग्रामीणों में रोष-तनाव देखने को मिला। अधिकारियों को देख गांव वालों ने मांग की कि राम रहीम की संपत्ति की तरह आरोपियों की जायदाद जब्त कर उन पर रासुका लगाई जाए। ग्रामीणों की यह भी मांग थी कि राजनैतिक दबाव में आकर पुलिस पीड़ित पक्ष के खिलाफ क्रॉस केस नहीं दर्ज करे। पुलिस आयुक्त ने डॉ. कुरैशी ने बताया कि संपत्ति जब्त करने का निर्णय शासन के स्तर पर लिया जाता है। आश्वासन दिया कि पुलिस निष्पक्ष जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ हर संभव कार्रवाई करेगी, जांच से लेकर सजा दिलाने तक कहीं कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। लोगों ने बृहस्पतिवार शाम को गांव में कैंडल मार्च निकालने की मांग की। पुलिस आयुक्त ने शांतिपूर्ण मार्च निकालने की स्वीकृति देते हुए कहा कि कैंडल मार्च में पुलिस बल मौजूद रहेगा।
पलवली
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उद्योगमंत्री ने की मुआवजा और न्याय दिलाने की मांग
फरीदाबाद। पलवली गांव में मातम जैसे माहौल के बीच उद्योगमंत्री विपुल गोयल सामूहिक हत्याकांड का शिकार हुए लोगों के परिजनों से मिले। परिजनों का रोष उनकी बातों में साफ नजर आ रहा था। उद्योगमंत्री को देखते ही बोले कि हम आपके कहने पर ही पोस्टमॉर्टम को राजी हुए, अब आप ही हमें न्याय और मुआवजा दिलाइए। विपुल गोयल ने परिजनों को सांत्वना देने के साथ ही घायलों के स्वास्थ्य लाभ की जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के चाहे जितने बड़े राजनैतिक रसूख हों उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
घटनास्थल
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सामूहिक हत्याकांड के 14 आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए जेल
पलवली सामूहिक हत्याकांड के 14 आरोपियों को बृहस्पितिवार को रिमांड की मियाद पूरी होने पर जेएमआईसी शिवानी की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का फरमान सुनाया। इसके बाद आरोपी सतीश, लोकेश उर्फ लोकी, हरीश, शिवकांत, नंदकिशोर, रविंद्र, राजेंद्र प्रसाद, विनय, रविकांत, ज्ञानचंद, मोजीराम, श्रीकांत, सागर शर्मा और चमन को नीमका जेल भेज दिया गया। मालूम हो कि अदालत सरपंच दयावती और उसकी चाची सास ओमवती को मंगलवार को ही 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। हत्याकांड में सह आरोपी एक नाबलिग को संप्रेक्षण गृह में रखा गया है जबकि नरेंद्र, कमल, धर्मेंद्र और अमित 23 सितंबर तक रिमांड पर हैं।