एक गर्भवती महिला जिला अस्पताल में भर्ती रही, लेकिन डॉक्टरों ने उसको देखने की जहमत नहीं उठाई। सोमवार दोपहर को परिजन परेशान होकर महिला को अस्पताल से लेकर जाने लगे, तो महिला की इमरजेंसी के बाहर ऑटो में डिलीवरी हो गई।
नवजात 15 मिनट तक ऑटो के फर्श पर ही पड़ा रहा। परिजनों के बार-बार बुलाने पर भी कोई नर्स नहीं आई। करीब 20 मिनट नर्स आई, तब तक नवजात की मौत हो गई थी। भंगेल में रहने वाले इमदाद अली ने बताया कि उसकी पत्नी सबा परवीन 7 महीने की गर्भवती थी।
रविवार सुबह उसको दर्द शुरू हो गया था। सास पत्नी सबा को डिलीवरी के लिए सुबह 9 बजे जिला अस्पताल लेकर आई, लेकिन किसी ने उसका इलाज नहीं किया, वह दर्द के मारे चिल्लाती रही।