आमका गांव के पास शनिवार रात मुठभेड़ में मारे गए असलम के संबंध में पुलिस ने कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस का दावा है कि असलम अपने साथी के साथ किसी जिले के एक बड़े कारोबारी के घर तीन करोड़ की डकैती डालने की योजना बनाकर आया था।
वारदात को अंजाम देने से पहले ही पुलिस की मुठभेड़ में वह मारा गया। असलम ने इसी वर्ष जेल से बाहर आने के बाद एक के बाद एक ताबड़तोड़ वारदात की थीं। 50 हजार का इनाम घोषित होने के बाद 2 नवंबर को उसने घर छोड़ दिया था।
शनिवार रात में कोतवाली दादरी क्षेत्र के गांव आमका के पास आम के बाग में पुलिस मुठभेड़ में शामली के बुंटा गांव निवासी असलम अली मारा गया था। मुठभेड़ में एक दरोगा व दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
पुलिस के मुताबिक, असलम अली ने 30 सितंबर को साथियों के साथ सहारनपुर के नानौता में डकैती डाली थी। इसमें उसका साथी रमजानी भी शामिल था। रमजानी भी असलम से कुछ घंटे पहले अलीगढ़ में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
दोनों की मुलाकात जेल में हुई थी। जेल से बाहर आकर दोनों ने एक के बाद एक लूट की वारदात को अंजाम दिया था। सहारनपुर की वारदात के बाद असलम व रमजानी दोनों पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया था।