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मुजाहिदीन आतंकी एजाज ने किए 3 बड़े खुलासे

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आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का टेक्निकल एक्सपर्ट एजाज़ शेख देश के सांप्रदायिक माहौल को खराब करना चाहता था। दंगे भड़काने के लिए वह ई-मेल जारी करने वाला था।
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इसी उद्देश्य से वह नेपाल से भारत आया था। दिल्ली पुलिस ने एजाज़ के कब्जे से सांप्रदायिक माहौल को खराब करने वाली ई-मेल, उसकी पीडीएफ फाइल और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। देश में आईएम के आतंकी तो छिपे हुए नहीं है, इस संबंध में पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

विशेष पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि एजाज़ के कब्जे से इलेक्टॉनिक डिवाइस, डाटा कार्ड, मोबाइल व सिम कार्ड आदि बरामद किए गए हैं। इलेक्टॉनिक डिवाइस में भड़काऊ ई-मेल है। इसकी पीडीएफ फाइल बनी हुई हैं। ई-मेल में आईएम का लोगो बना हुआ है। उन्होंने बताया कि एजाज़ जल्द ही इसे मीडिया हाउस को भेजने वाला था।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान में बैठे आईएम के आकाओं के इशारे पर एजाज़ शेख ने एक समुदाय विशेष के लिए भड़काऊ भाषण की ई-मेल तैयार की थी। इसके जरिये वह देश में दंगे भड़काने के अलावा सांप्रदायिक माहौल को खराब करना चाहता था।

ऐसे लिया बटला हाउस एनकाउंटर का बदला

यह भी कहा जा रहा है कि एजाज़ शेख मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों के संपर्क में था या फिर उसने संपर्क साधने का प्रयास कर रहा था। वह भड़काऊ भाषण की मेल दंगा पीड़ितों के बीच जारी करता।

हालांकि विशेष पुलिस आयुक्त ने इससे इनकार किया कि एजाज़ मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों के संपर्क में था। पुलिस अधिकारी एजाज़ की गिरफ्तारी को आईएम के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं। एजाज़ शेख भारत में रहकर आईएम के लिए स्लीपर एजेंट का काम कर रहा था।

आईएम आकाओं ने एजाज़ को सबसे पहला आदेश फरवरी, 2010 में जर्मनी बेकरी बम धमाका करने वाले यासीन भटकल की सहायता करने का दिया था।

एजाज़ ने पुणे जर्मन बेकरी बम धमाका करने वाले यासीन भटकल को मोबाइल, सिम कार्ड के अलावा भारतीय विद्यापीठ के पास ठहरने के लिए किराये पर कमरा दिलवाया था। कमरे का इस्तेमाल बम तैयार करने आदि के लिए किया गया था। धमाके करने के लिए एजाज़ ने यासीन के साथ जर्मनी बेकरी के अलावा कई जगहों की रेकी की थी।

19 सितंबर, 2010 को जामा मस्जिद के बाहर फायरिंग और ब्लास्ट मामले में एजाज़ की भूमिका थी। हमले के बाद उसने सभी मीडिया हाउस को मोबाइल के जरिये ई-मेल भेजकर दावा किया था कि आईएम ने बटला हाउस एनकाउंटर का बदला लेने के लिए आतंकी हमले को अंजाम दिया है। मेल का ड्राफ्ट पाकिस्तान में बैठे रियाज भटकल व उसके साथियों ने तैयार किया था। आतंकी हमले से पहले ही ये मेल पाकिस्तान से एजाज़ के पास आ गया था।
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कंप्यूटर एक्सपर्ट है ये आतंकी

7 दिसंबर, 2010 को वाराणसी में शीतला घाट पर बम धमाकों के बाद एजाज़ ने मुंबई से मीडिया हाउस को ई-मेल भेजकर दावा किया था कि ये हमले आईएम ने कराए हैं। ई-मेल भेजने के लिए उसने वाई-फाई का इस्तेमाल किया था।

एजाज़ पाकिस्तान समेत अन्य देशों से आने वाली हवाला की रकम देश में आईएम के आतंकियों को देता था। वर्ष 2011 के बाद वह हवाला की रकम को बांटने का आईएम का एक मात्र जरिया रह गया था। पुलिस के अनुसार हैदराबाद ब्लास्ट से पहले इसने तहसीन व वकास को हवाला के 6.88 लाख रुपये दिए थे।

सितंबर, 2012 में आईएम आतंकी यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद जब महाराष्ट्र पुलिस यासीन को पूछताछ के लिए मुंबई ले गई, जब एजाज़ को लगा कि यासीन भटकल उसके नाम का खुलासा कर देगा। इस डर से उसने पुणे छोड़ दिया था। फरवरी, 2014 में वह नेपाल में भाग गया था। वहां वह छिपने के लिए बार-बार ठिकाने बदलता रहा। यूपी में वह छिपने के लिए आया था।

पुलिस के अनुसार एजाज़ कंप्यूटर का एक्सपर्ट था। उसने आईएम के सभी आतंकियों की ई-मेल आईडी तैयार की थी। उसकी इस कुशलता के चलते वह आईएम के प्रमुख आतंकियों की सूची में शुमार होने लगा था।
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