बिसाहड़ा गांव में 28 सितंबर को इकलाख की पीट-पीटकर हत्या करनेे बाद उसके घर के फ्रिज से 28 सितंबर को पुलिस द्वारा बरामद किया गया मांस बीफ का था। मंगलवार को सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय से बिसाहड़ा कांड के आरोपियों द्वारा मांगी गई मथुरा की फॉरेंसिक रिपोर्ट की नकल मिलने पर यह खुलासा हुआ है।
अदालत की अनुमति के बाद इसके बाद संबंधित पक्षों ने नकल विभाग से इसकी प्रतिलिपि प्राप्त कर ली। इसे व्हाट्स ऐप पर भी डाल दिया गया।मथुरा से पशु चिकित्सा विज्ञान और पशुपालन के संयुक्त निदेशक फोरेंसिक जांच प्रयोगशाला विश्वविद्यालय की ओर से 9 अक्तूबर को दादरी उप पशु चिकित्सा अधीक्षक को भेजी रिपोर्ट में उनके द्वारा भेजे गए मांस का जिक्र किया गया है।
साथ ही, 29 सितंबर को दादरी पशु चिकित्सालय की जांच की रिपोर्ट के मद्देनजर अपनी रिपोर्ट को प्रस्तुत किया है। मथुरा की रिपोर्ट में 3 अक्तूबर को प्रयोगशाला में मांस की जांच होने की बात कही गई है जिसमें पैकेट की सील और उसके अंदर मांस पर जांच की गई। जांच रिपोर्ट में मांस पर किए गए केमिकल एनालिसिस में सैंपल को गाय या गाय के वंशज (बछड़े) का मांस होना पुख्ता किया गया है।