ग्रेटर नोएडा के कोतवाली जारचा क्षेत्र के कस्बा में शिया समुदाय की महिला को पति ने बेटे व दहेज की मांग पूरी न होने पर तीन तलाक दे दिया। पति ने ससुराल के मुख्य दरवाजे पर जाकर तीन तलाक दिया।
पति के व्यवहार से परेशान महिला कुछ दिनों से मायके में अपनी दो बच्चियों के साथ रह रही थी। महिला ने बच्चों की परवरिश के लिए जिलाधिकारी के दरबार में गुहार लगाई है।
कस्बा जारचा के रहने वाले महिला दिलशाद फातमा पुत्री बहादुर अली ने बताया कि परिजनों ने 2004 में उसकी शादी जारचा में ही मोहम्मद मियां पुत्र अल्लू के साथ की थी। पति का हैंडीक्राफ्ट का काम है। शादी के एक साल बाद उसने ससुराल में लड़की को जन्म दिया। जिसकी मौत हो गई।
पिछले महीने से मायके में रह रही है पीड़िता
triple talaq
इसके बाद से पति व ससुराल के लोग उससे पांच लाख रुपये और कार की मांग करने लगे। जिसे पूरी नहीं करने पर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। मामले की शिकायत मायके वालों से करने के बाद सुलह करा कर वापस ससुराल भेज दिया जाता था।
महिला के दूसरी बार भी पुत्री को जन्म दिया। आरोप है कि इस ससुराल पक्ष और भड़क गया। महिला को उम्मीद थी कि कभी तो शौहर सुधर जाएगा पर मामला दिन पर दिन बिगड़ता गया।
आरोप है कि एक बार फिर पुत्री के जन्म के बाद पति ने दहेज की मांग पूरी न होने पर रोजाना मारपीट करनी शुरू कर दी। जिसके बाद उसका भाई उसे घर ले आया।
23 अगस्त को पति महिला के घर आया और दे दिया...
तीन तलाक
महिला पिछले एक माह से मायके में रह रही थी। इसी बीच महिला को पता चला कि उसका शौहर किसी और को घर ले आया है। इस बीच समाज के लोगों के साथ हुई पंचायत में पति को महिला व बच्चों के जीवन निर्वाह के लिए खर्च देने का फैसला सुनाया गया था। जिसको पति ने नहीं माना।
23 अगस्त को पति महिला के घर आया और अपशब्द कहते हुए दरवाजे पर ही तीन तलाक देकर चला गया। घटना के बारे में महिला ने परिवार के लोगों को बताया। मंगलवार को महिला ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की।
महिला की मांग है कि उसका पति शादी में लगा पूरा पैसा ब्याज सहित दें व दोनों लड़कियों की परवरिश की जिम्मेदारी लें। पति के खिलाफ मामला दर्ज कराकर कड़ी कार्रवाई की जाए। उसके भाई अनवर ने बताया कि शिया समुदाय में तीन तलाक नहीं माना जाता। बहन को इंसाफ दिलाने के लिए वह भाइयों संग मिलकर कानूनी लड़ाई लडे़गा।