दहेज के लालच के चलते गर्भवति महिला की गला घोंटकर हत्या करने के मामले में नूंह अदालत द्वारा पति व सास को दोषी ठहराते हुए दस साल कैद की सजा सुनाई। आरोपियों पर ढ़ाई हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों को हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक फिरोजपुर झिरका थाना पुलिस को बिशंबरा उत्तरप्रदेश निवासी जमशेद पुत्र इदरीश ने शिकायत दी कि साल 2010 में उसने अपनी बेटी असमा की शादी फिरोजपुर झिरका के गुजर नंगला निवासी जाफर पुत्र निवाज खां के साथ की थी। शादी में उसने अपनी हैसियत से अधिक खर्च किया था तथा काफी दान दहेज दिया था। लेकिन उसके सुसराल वाले दहेज कम लाने के लिए उसे तंग व परेशान करते थे।
उसने आरोप लगाया कि उसकी लडकी को ससुराल वाले अधिक दहेज लाने के लिए कहते थे तथा उस पर एक कार व एक लाख रुपये लाने के लिए दबाव बनाते थे। इसी दौरान उसे एक लड़की पैदा हुई। लेकिन आरोपियों का व्यवहार नहीं बदला। जब लडकी ने इसकी शिकायत परिजनों से की तो झगडे को लेकर गांव में पंचायतें भी की गईं। लेकिन फिर भी कोई नतीजा नहीं निकला।
7 अक्तूबर 2015 को उसके मोबाइल पर दीनू पुत्र चैना का फोन आया कि उसकी लडकी को आरोपियों द्वारा गला घोंट कर मार दिया गया है। जिस पर वह गांव के कुछ लोगों को लेकर आरोपियों के गांव गूजर नंगला पहुंचा। जहां उसने देखा कि सभी आरोपी अपने घर से फरार हो चुके हैं। जबकि उसकी लडकी मृत अवस्था में घर पडी है। मृतक लडकी के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मृतक महिला के पति जाफर तथा सास हारूनी के अलावा चार अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 304बी के तहत केस दर्ज किया गया।
जांच के दौरान जाफर व हारूनी के अलावा बाकि आरोपियों को पुलिस द्वारा निर्दोष साबित कर केस से बाहर निकाल दिया गया। वहीं दोनों आरोपियों को अरेस्ट कर ट्रायल शुरु की गई। इस दौरान गवाहों व सबूतों के आधार पर शुक्त्रस्वार को नूंह की अडिशनल सेशन जज शशि चौहान ने जाफर व हारूनी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।