देश में ऑनर किलिंग के मामले लगातर बढ़ते ही जा रहे हैं। एक ओर जहां खाप पंचायतों ने अब अंतर्जातीय विवाह करने की छूट देनी शुरू कर दी है वहीं दूसरी ओर समाज और अन्य लोगों के आगे अपनी इज्जत बचाने के नाम पर लोग बच्चों का कत्ल करने से नहीं चूक रहे।
प्रेमी के साथ घर से भागने वाली लड़की को ये सजा मिलेगी शायद उसने भी नहीं सोचा था। प्रेमी के साथ रह रही लड़की को ढूंढकर उसका पिता पहले घर लाया और फिर गड़ासे से काटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
यही नहीं, बेटी की हत्या करने के बाद वह भागा नहीं बल्कि सीधे थाने पहुंच गया।
गड़ासे से किया ताबड़तोड़ वार
मुजफ्फरनगर का रहने वाला ग्यासुद्दीन 18 वर्षों से लोनी की नसबंदी कालोनी में किराए के मकान में रहता है। उसकी पुत्री नगमा (15) कालोनी में ही रहने वाले प्रेमी शाहरुख के साथ 30 अप्रैल की रात घर से चली गई थी।
बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे वह बेटी को बागपत के रटौल गांव से ढूंढ कर घर ले आया था। लेकिन नगमा प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी।
कई बार समझाने के बाद बेटी के न मानने पर शुक्रवार सुबह 11.30 बजे ग्यासुददीन ने बेटी के सिर पर गंड़ासे से ताबड़तोड़ वार कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। मोहल्ले के लोग उसे अस्पताल में ले गए और पुलिस को घटना की सूचना दी।
गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
लोग कहते थे, 'इसकी ही बेटी भागी है'
बेटी के हत्या के आरोपी ग्यासुद्दीन ने बताया कि शुक्रवार सुबह घर के पास कुछ लोग उसे देखकर कहने लगे कि इसकी बेटी घर से भागी थी। उसे इस कदर बेइज्जती महसूस हुई कि उसने घर जाते ही बेटी के सिर पर गड़ासे से वार कर डाले।
इसके बाद खुद थाने पहुंचकर अपनी गिरफ्तारी दी। यह वारदात इलाके में चर्चा का विषय है। मुहल्लेवाले तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
कालोनी के लोगों ने बताया कि नगमा ने मदरसे में उर्दू की तालीम ली थी, लेकिन वह कभी स्कूल नहीं गई। नगमा का प्रेमी शाहरुख परिवार के साथ कालोनी में ही सुनहरी मस्जिद के पास रहता है। वह कबाडे़ की दुकान पर काम करता था। उसका परिवार शाहजहांपुर का रहने वाला है।
काफी दिनों से चल रहा था अफेयर
नगमा की मौत के बाद से उसका प्रेमी शाहरुख परिवार के साथ भागा हुआ है। काफी दिन से दोनों का अफेयर चल रहा था लेकिन नगमा के परिजनों को इसकी भनक नहीं थी। उन्हें 30 अप्रैल की रात तब पता चला, जब वह घर से चली गई।
कई दिन तक उसकी तलाश करने के बाद बृहस्पतिवार सुबह बागपत के रटौल कस्बे में मिल गई, जबकि शाहरुख वहां से भाग गया। वहां से ग्यासुद्दीन उसे वापस ले आया।
कबाड़ी की फेरी लगाने वाले ग्यासुद्दीन का कहना है कि एक तरफ वह शाहरुख के साथ ही रहने की जिद पर अड़ी रही तो दूसरी तरफ मुहल्ले के लोग उसे ताने दे रहे थे।