फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हनी ट्रैप: फ्रेंडशिप साइट पर होती थी चैट, युवती के साथ सेक्स के लिए भेजते थे फ्लैट पर

Fri, 08 Jul 2016 09:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
हनी ट्रैप
विज्ञापन
पुलिस ने हनी ट्रैप के जरिये उगाही करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी होमगार्ड का काम कर चुके हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पहले लड़की बनकर पीड़ित से फ्रेंडशिप साइट पर चैट करते थे।
विज्ञापन


फिर उन्हें सेक्स के लिए अपने फ्लैट पर ले जाते थे। फिर पुलिस वाले बनकर उन्हें दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर लाखों की उगाही करते थे। अभी तक गिरोह करीब सौ से ज्यादा लोगों को शिकार बना चुका है।

फिलहाल, पुलिस एक युवती सहित अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। पुलिस उपायुक्त विजय कुमार सिंह ने बताया कि एक प्राइवेट एयरलाइंस में बतौर पायलट काम करने वाले मुकेश कुमार (बदला हुआ नाम) ने 14 मार्च को मौर्या एंक्लेव थाने में हनी ट्रैप कर नौ लाख रुपये उगाही करने की शिकायत दर्ज करवाई।
विज्ञापन

मुलाकात के बाद एक फ्लैट पर ले गई लड़की

शिकायत में उसने बताया कि इंटरनेट के एक फ्रेंडशिप साइट पर शिया नाम की लड़की से उसकी बातचीत होने लगी। 24 अक्तूबर 2015 को लड़की ने उसे एम2के सिनेमा हॉल में बुलाया।

मुलाकात होने के बाद लड़की उसे बुध विहार स्थित एक फ्लैट पर ले गई। इस दौरान उसने एक सहेली को भी साथ ले लिया। फ्लैट पर पहुंचने के बाद लड़की किसी बहाने से बाहर गई और कुछ देर में तीन शख्स कमरे में घुसे।

उन लोगों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और लड़की से दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने की धमकी देने लगे। उसके बाद उन लोगों ने उससे बीस हजार रुपये ले लिए और फिर सेक्टर 9 रोहिणी स्थित एटीएम से एक लाख रुपये भी निकलवा लिए।

सौदा दस लाख पर तय हुआ

- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
इतना ही नहीं, आरोपियों ने 20 लाख रुपये और देने का दबाव भी बनाया।  किसी तरह सौदा दस लाख पर तय हुआ। उसके बाद आरोपी पीड़ित को द्वारका स्थित उसके घर ले गए।

वहां उन लोगों ने 50 हजार और दो दिन बाद उससे आठ लाख रुपये और ले लिए। कुछ माह बाद दोबारा आरोपियों ने पीड़ित को फोन कर दो लाख रुपये देने को कहा। उसके बाद पीड़ित ने इस बाबत थाने में शिकायत दर्ज करवाई।

पुलिस ने मामले की जांच करते हुए सुल्तानपुरी निवासी जगतिंदर सिंह (47), सुंदरलाल (35) और जीतेंद्र सिंह (32) को दबोच लिया। इनके पास से पुलिस को छह मोबाइल फोन और पचास हजार रुपये मिले हैं।
विज्ञापन

नौकरी जाने के बाद रुपयों की जरूरत ने बनाया अपराधी

- फोटो : अमर उजाला
मूलत: होशियापुर पंजाब का रहने वाला जगतिंदर सिंह गिरोह का सरगना है। उसने पुलिस को बताया कि वह 2007-12 तक होमगार्ड में रहा। नौकरी जाने के बाद रुपयों की जरूरत होने पर वह छोटे-मोटे अपराध करने लगा।

2014 में उसे बिंदापुर थाना पुलिस ने छेड़छाड़ और लूटपाट के मामले में गिरफ्तार कर लिया। जमानत पर आने के बाद वह होमगार्ड की नौकरी कर चुके सुंदरलाल और जीतेंद्र के साथ मिलकर हनी ट्रैप के जरिये उगाही करने की योजना बनाई।

उसका सहयोगी धीरज त्यागी भी इसमें शामिल हो गया। उसने ही अपनी महिला मित्र पूजा (बदला हुआ नाम) को इसमें शामिल किया। जीतेंद्र लड़की बनकर फ्रेंडशिप साइट पर लोगों से बातचीत करता था। आरोपियों ने बताया कि अब तक करीब सौ से ज्यादा लोगों से उगाही कर चुका है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें