भाजपा सांसद हनी ट्रैप मामले में आरोपी महिला वकील की अपराध में मदद करने वाले यूपी के कारोबारी अजय पाल चौहान को शीघ्र ही सरेंडर करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह निर्देश चौहान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुये दिया है। अगर ऐसा नहीं होता है तो उसे भगौड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरु कर दी जायेगी। दिल्ली पुलिस कहना है कि इस कारोबारी ने गुजरात से भाजपा सांसद को फंसाने में महिला वकील की सहायता की थी।
तीस हजारी स्थित विशेष न्यायाधीश हिमानी मल्होत्रा ने यूपी के कारोबारी अजय कुमार उर्फ अजय पाल चौहान की अग्रिम जमानत याचिका कर दी। अदालत ने कहा ऐसा लगता है महिला के गलत तरीके पैसा कमाने के सोचे समझे अपराध में सक्रिय रूप से शामिल था।
अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि महिला वकील के मुताबिक चौहान ने ही गाजियाबाद में फ्लैट का इंतजाम करवाया था। केसी पटेल से पहले भी दो राजनेताओं को अश्लील वीडियो बनाकर जबरन वसूली की गई थी। चौहान व मित्रपाल नाम का शख्स पटेल के फ्लैट पर जबरन वसूली करने गये थे।
लोक अभियोजन अधिकारी अतुल श्रीवास्वत ने जमानत याचिका का विरोध करते हुये कहा कि चौहान कई बार नोटिस देने के बाद भी जांच में शामिल नहीं हो रहा है। चौहान ने ही महिला के फ्लैट में खुफिया कैमरा लगाने में मदद की थी जिससे सांसद केसी पटेल का अश्लील वीडियो बनाया गया था।
अदालत ने पुलिस की अर्जी पर सुनवाई के दो जून को अदालत ने चौहान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद चौहान ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। बचाव पक्ष ने कहा चौहान नोएडा में अपना कारोबार करता है और बुलाने पर जांच में शामिल हो जायेगा।
महिला वकील पर सांसद केसी पटेल को नशीला पदार्थ पिलाकर अश्लील वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने का आरोप है। महिला ने इस वीडियो को वायरल न करने के एवज में सात करोड़ रुपये मांगे थे। इस अपराध में चौहान व मित्रपाल ने महिला की मदद की थी। पुलिस ने महिला वकील को दो मई को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ के दौरान बागपत जिल के रमाला गांव निवासी चौहान का जिक्र किया था।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि चौहान व महिला वकील के बीच दशकों पुरानी दोस्ती है। वह चौहान का नाम लेकर रसूखदार लोगों को जबरन वसूली के लिये धमकाती थी। इस तरह कमाये पैसों से दोनों साथ में छुट्टियां बिताते थे। इस मामले में चौहान की भूमिका उसकी गिरफ्तारी के बाद ही साफ हो पायेगी।
मामले में आरोपी महिला वकील फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। सांसद के खिलाफ उसकी शिकायत को अदालत खारिज कर चुकी है। महिला वकील ने सांसद पर दुष्कर्म की एफआईआर करवाने के लिये अर्जी दायर की थी।