दिल्ली की एक अदालत ने करीब 100 किलो गांजा रखने के आरोप में दो युवकों को दोषी ठहराते हुए 12-12 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। वहीं, तीन अन्य को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
तीस हजारी स्थित एनडीपीएस अदालत के विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने अपने फैसले में बिहार निवासी दयानंद और राजीव कुमार को कैद की सजा के अलावा उन पर ढाई-ढाई लाख रुपये जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने कहा कि दोषियों के पास से पुलिस ने 103.5 किलोग्राम गांजा बरामद किया था, जबकि व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अधिकतम 20 किलो गांजा ही रखा जा सकता है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष गवाहों के बयानों के आधार पर उनका अपराध साबित करने में सफल रहा है।
वहीं, अदालत ने कहा कि तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ अपराध साबित नहीं किया जा सका। यह भी साबित नहीं हुआ कि वे घटनास्थल पर मौजूद थे। ऐसे में उन्हें बरी किया जाता है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 17 अप्रैल 2011 को दिल्ली पुलिस की विशेष जांच टीम को गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग मुकरबा चौक के पास काफी मात्रा में गांजा लेकर आ रहे हैं। इस सूचना के आधार पुलिस ने दयानंद और राजीव को गिरफ्तार कर गांजा बरामद किया था।