छात्र आयुष नौटियाल की फाईल फोटो
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कुछ देर बाद आयुष के नंबर से पिता के मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने व्हाट्सएप देखने के लिए कहा। व्हाट्सएप पर आयुष का हाथ पैर बंधा फोटो था।
उसके सिर पर चोट का निशान था। आयुष के फोन से फिर से उसके पिता के मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने आयुष के अपहरण किये जाने की बात कही और 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। उसके बाद परिवार वालों ने थाने में इसकी शिकायत की।
परिवार वालों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें चुपचाप रहने की सलाह दी और आयुष को ढूंढने का आश्वासन दिया। उसके बाद परिवार वाले अपहरणकर्ता से बात कर 50 लाख रुपये देने में असमर्थता जतायी।
बातचीत करने के बाद 12 लाख रुपये पर सौदा तय हुआ। परिजन अपहरकर्ता के कहने पर रुपये लेकर द्वारका तो कभी मुनिरका, मोहन गार्डन घुमते रहे। लेकिन आरोपी रुपये लेने नहीं आये।
27 मार्च की रात अपहरणकर्ताओं ने रुपये लेकर परिजनों को वसंत विहार स्थित एक पार्क में बुलाया। यहां भी पुलिस उनके साथ थी। अगले दिन आयुष का शव सेक्टर 13 के पास मिला।
पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि अपहरणकर्ताओं ने आयुष को अगवा करने के कुछ दिन बाद ही उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस के मुताबिक शव चार पांच दिन पुराना है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।