30 अप्रैल, 2014 को पीड़ित ने मामले की रिपोर्ट अपनी मां के साथ आकर भोरंज थाने में दर्ज करवाई थी। इसमें आरोप लगाया था कि दुराचार के बाद जान से मारने की धमकी दी। दोषी पहले भी उसे जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर मंडी जिले के रिवालसर स्थित एक होटल में ले जाकर दुराचार कर चुका था।
दूसरी बार नाबालिग को होटल में खाना खाने के बाद कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाया, जिससे वह बेहोश हो गई थी। इस दौरान उसने दुराचार किया और अश्लील फोटो खींचे। इन्हें वायरल करने की भी धमकी दी थी। मामले की जांच एसआई श्यामलाल और इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने की।
जिला न्यायवादी सीएस भाटिया ने बताया कि न्यायालय में चालान पेश करने के बाद दोष साबित करने के लिए 31 गवाह पेश हुए। दोषी ने भी डिफेंस में 3 गवाह पेश किए हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पदम सिंह ने पक्ष और विपक्ष की दलीलें और गवाहों के बयान सुनने के बाद दोषी अरुण कुमार को दस वर्ष कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।