गुरुग्राम के मानेसर गैंगरेप में मामले में पुलिस को जांच में पता चला है कि पीड़ित महिला के पति का झगड़ा पड़ोसियों से हो गया था। पड़ोसियों द्वारा झगड़े को ज्यादा तूल देने पर महिला का पति अपने दोस्त के घर चला गया। पति के जाने के बाद पड़ोसी महिला से झगड़ा करने लगे। तभी पीड़ित महिला पड़ोसियों से डर कर गांव बांसकुसला गांव से रात को गुरुग्राम के खांडसा में रह रहे माता-पिता के यहां जाने का फैसला किया।
घर से निकले के एक घंटे बाद महिला को क्या पता था कि रास्ते में हैवान मिल जाएंगे। हैवानियत करने वाले टाटा मैजिक चालक व उसके साथियों ने पीड़िता को चार घंटे बंधक बना कर रखा था। मगर पुलिस ने बच्ची की हत्या का मामला तो दर्ज कर लिया पर अपहरण कर गैंगरेप की धारा जोड़ने में पुलिस ने लापरवाही बरती और महिला को भगा दिया था।
नशे में धुत तीनों युवकों ने रात 12 बजे से सुबह चार बजे तक पीड़िता के साथ दो बार गैंगरेप किया। आरोपी उसे धमकी देते रहे कि उसने विरोध किया तो बेटी को जान से मार दिया जाएगा।
बेटी को बंधक बना कर आरोपी उसका रेप करते रहे। पांच घंटे बाद बदमाशों के चंगुल से छूटी महिला ने पेंसिल नामक कंपनी के गार्ड और सुपरवाइजर से संपर्क किया। वहां से पीड़ित महिला ने पति को फोन किया।
कंपनी के कर्मचारियों ने पीड़िता को छुड़वाया गुरुग्राम
gurugram gangrape
- फोटो : ANI
कंपनी के कर्मचारियों ने महिला को कार से गुरुग्राम तक छुड़वाया। पीड़ित महिला पति के साथ बच्ची को लेकर खांडसा के एक डॉक्टर के पास गई, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
मगर मां को तसल्ली नहीं हुई। वह बच्ची के शव को गले से चिपकाएं मेट्रो से दिल्ली गई। यहां एक अस्पताल में बच्ची को दिखाया। डॉक्टर ने कहा कि सिर में गंभीर चोट होने के चलते बच्ची की काफी पहले मौत हो चुकी है। यह सुनने के बाद पीड़िता गुरुग्राम में रहने वाले पिता के यहां वापस लौटी फिर पुलिस को शिकायत दी गई।
संदीप खिरवार, पुलिस आयुक्त, गुरुग्राम ने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एक महिला एएसआई को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा दो एएसआई पर जल्द ही कार्रवाई होगी। वहीं, थाने के पुलिस अधिकारी यह कह रहे हैं कि महिला ने पहले सिर्फ हत्या का मामला बताया था। बाद में उसने गैंगरेप की बात कही।