सीसीटीवी कैमरे को तोड़ दिया। पुलिस को एक सीसीटीवी सही मिला। उसी की फुटेज से आरोपी पकड़ा गया। पुलिस ने इसमें दिखे शख्श का फोटो बीट कांस्टेबलों को पहचान के लिए सौंपा। सुरक्षाकर्मी के 16 साल के भतीजे को पकड़ा गया तो उसने अपराध कबूल कर लिया।
आरोपी ने बताया कि उसने बृहस्पतिवार रात ही हत्या कर दी थी। 26 जनवरी को छुट्टी की वजह कोई कर्मचारी डाकघर में नहीं आया। वहीं परिजनों का कहना है कि सुशील कुमार के घर नहीं लौटने पर उन्हें लगा कि वे रात में घर लौटेंगे।
आरोपी दसवीं कक्षा में पढ़ता है। डाकघर आते-जाते उसे लगा कि यहां काफी पैसे होते हैं। उसने कई दिनों तक रेकी भी की। बृहस्पतिवार रात वह डाकघर के पास अंधेरे में बैठ गया।
सुशील के आने पर उसने साथ लाए बैट से उनके सिर पर जोरदार हमला किया। बैट लगते ही सुशील नीचे गिरे तो आरोपी ने रस्सी से हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंसने के बाद उनकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद आराम से लूटपाट कर वह फरार हो गया।
सुशील कुमार 28 फरवरी को सेवानिवृत्त होने वाले थे। कर्मचारियों ने बताया कि वह काफी मिलनसार थे। पुलिस को मौके से मिली सीसीटीवी फुटेज में में एक शख्स लूटपाट करते दिखा था।
फोटो में आरोपी का हुलिया, चेहरा और जैकेट दिखे। पुलिस इस तरह की जैकेट वाले युवक की पहचान के प्रयास किए और आरोपी पकड़ में आ गया।