श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में जेवर और मूर्तियां चुराने वाले चार चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चोरों में दो सगे हैं, जिनके पिता आर्मी से रिटायर्ड अधिकारी हैं।
इनसे चोरी की अष्टधातु की मूर्तियां, मेड इन इंग्लैंड पिस्टल और तमंचे बरामद हुए हैं। पुलिस का दावा है कि आगरा जेल में बंद अंतर्राष्ट्रीय मूर्ति चोर हरजीत ने चोरी की साजिश रची थी। वह जेल से ही नेटवर्क चलाता है।
चोरी की मूर्तियों को अपने गुर्गों से आगरा में आए विदेशी सैलानियों को भी बिकवाता है। बरामद मूर्तियों का चोरों ने दिल्ली में डेढ़ करोड़ रुपये में सौदा कर लिया था।
पकड़े गए चोर गर्लफ्रेंड के शौक पूरा करने के लिए चोरी करते थे। पूरे वेस्ट यूपी में मूर्तियां बेचने का धंधा चल रहा था।
21 फरवरी की रात श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में 10 लाख की चोरी हुई थी। चोर भगवान महावीर और भगवान पारसनाथ की अष्टधातु की मूर्तियां, चार चांदी के सिंहासन, छह किलो चांदी के छत्र, दो किलो चांदी के बड़े छत्र और गुल्लक तोड़कर ले गए थे।
एसपी देहात जगदीश शर्मा और एसएचओ दीपक शर्मा ने बताया कि पकड़े गए चोर अलीगढ़ के सुरजीत निवासी मंजुपुर थाना गाेंडा, हरेंद्र और पुष्पेंद्र मालीपुरा थाना खैर और मोहित किनौनी थाना रोहटा मेरठ हैं।
हरेंद्र और पुष्पेंद्र भाई हैं और रिटायर्ड आर्मी अधिकारी के बेटे हैं। चारों ग्रेजुएट हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी हुई दोनों मूर्तियां, चांदी के सिंहासन और छत्र गलाकर बनाई चांदी बरामद की है।
चोरों ने बताया कि वे गर्लफ्रेंड के साथ मौजमस्ती करने के लिए चोरी और हथियारों की सप्लाई करते थे। पकड़े गए बदमाश आगरा जेल में बंद हरजीत गिरोह के सदस्य हैं।
वेस्ट यूपी में हुई मूर्तिया की चोरी के संबंध में भी इन्हें रिमांड पर लेकर जानकारी की जाएगी। श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
पकड़ा गया मोहित गोविंदपुरी में बुआ के पास रहता था और पांच साल पहले देहरादून से बाइक चोरी में जेल गया था। वहां उसकी मुलाकात हरजीत निवासी हस्तिनापुर मेरठ से हुई थी।
हरजीत का परिवार लोनी में रहता है। मोहित रेकी करता था और बाद में हरजीत को जानकारी देता था। हरजीत अपने गुर्गों को चोरी करने भेजता था।
1400 कारों की जांच कर चोरों तक पहुंची पुलिस
चोरों तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती थी। पुलिस ने मंदिर के पास इलाहाबाद बैंक के बाहर की ओर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज ली। मंदिर के पास से रात में 12 से 3 बजे तक 1400 कारें गुजरी थीं।
पुलिस ने सभी कारों के बारे में जानकारी की तो पकड़े गए अलीगढ़ निवासी पुष्पेंद्र की कार पर शक हुआ और जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने जानकारियां एकत्र की।
मुखबिर की सूचना पर बुधवार को मुठभेड़ के बाद चारों को कादराबाद के पास से गिरफ्तार कर लिया।
सैलानियों को फोटो दिखा तय करते थे कीमत
एसएचओ ने बताया कि गैंग आगरा में विदेशी सैलानियों को मूर्तियों की फोटो दिखाकर उनसे कीमत लगवाता था और फिर उसी कीमत पर उन्हें बेचता था।
एसएचओ ने बताया कि ये गैंग मूर्तियां बेचने लग्जरी कारों से जाता था, ताकि वे हाईप्रोफाइल लगें और र्कोई उन पर संदेह न करे।
पटियाला में 10 लाख लूटे थे
एसएचओ ने बताया कि पकड़े गए गिरोह ने 2013 में पटियाला से 10 लाख की लूट और आगरा में एसबीआई के एटीएम से 10 लाख चोरी किए थे।