दो दिन पूर्व हुई कैब चालक अजय कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने मामूरा गांव में रहने वाली उसकी प्रेमिका देविका के भाई दीपक उर्फ दीपू को गिरफ्तार कर लिया। वहीं हत्या में शामिल छोटे भाई पंकज और उसके दो दोस्त संदीप उर्फ बिल्ला और विकास उर्फ कल्लू की तलाश की जा रही है। देविका का भाई दीपक मामूरा में मोबाइल की दुकान चलाता है। जबकि पंकज एक कॉलेज से पढ़ाई कर रहा है। सभी आरोपियों ने पीट-पीटकर अजय की हत्या की थी। पुलिस को युवती और उसके पिता की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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पुलिस के अनुसार, युवती के परिजन को ये नहीं पता था कि चालक और उनकी बहन चोरी-छिपे 27 मार्च 2017 को गाजियाबाद के आर्य समाज मंदिर में शादी कर चुके हैं। युवती के भाई दोनों के प्रेम-प्रसंग से खफा थे। उन्होंने चार माह पहले भी इसके विरोध में कैब चालक की पिटाई की थी। मूलरूप से गुलावठी बुलंदशहर निवासी अजय कुमार का शव 27 सितंबर को तड़के सेक्टर-63 डी ब्लॉक में उसकी कैब (स्विफ्ट डिजायर) में पिछली सीट के नीचे मिला था। कैब सूरजपुर निवासी नवनीत की है।
थाना फेज तीन प्रभारी निरीक्षक अखिलेश प्रधान ने बताया कि कार की डिग्गी से तमाम दस्तावेजों के साथ आर्य समाज मंदिर से जारी किया गया शादी का एक प्रमाण पत्र भी बरामद हुआ था। उसी से पता चला कि अजय ने मार्च 2017 में देविका से शादी कर ली थी। मामूरा में रहने वाले उसके चचेरे भाई अरविंद ने भी इसकी पुष्टि की है। देविका ने ये शादी परिवार की मर्जी के खिलाफ चोरी-छिपे की थी। इसलिए शादी के बाद भी देविका अपने ही घर पर रह रही थी। पहले रोहित नाम का युवक देविका के घर में किराए पर रहता था। उसी के जरिये अजय और देविका की जान-पहचान हुई थी। शादी के बाद अजय अक्सर देर रात देविका से मिलने जाता था। देविका के भाइयों को करीब चार माह पहले उनके बीच प्रेम-प्रसंग होने का पता चला। उस वक्त भी देविका के भाइयों ने अजय की पिटाई की थी।
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कातिल पहले से अजय पर रखे हुए थे नजर
पुलिस ने बताया कि मंगलवार रात भी तकरीबन डेढ़ बजे अजय देविका से मिलने गया था। उसने घर से कुछ दूरी पर कार खड़ी की और पैदल देविका के घर की तरफ जा रहा था। देविका के भाई व उनके दोस्त अजय का इंतजार कर रहे थे। अजय को देखते ही चारों ने दबोच लिया। इसके बाद उसी की कार में बंधक बना लिया। पंकज कार चलाने लगा और बाकी तीनों आरोपी अजय को पिछली सीट के पास नीचे डालकर लात-घूसों से पीटने लगे। यही वजह है कि कार के जीपीएस से पता चला था कि मामूरा से कार निकलने के बाद वह काफी देर तक लगातार आसपास चक्कर काटती रही थी। अजय की मौत होने के बाद पंकज और संदीप ने उसके शव के साथ कार सेक्टर-63 में खड़ी कर दी थी।
पुलिस को चकमा देने का किया पूरा प्रयास
पुलिस केअनुसार दीपक मोबाइल की दुकान चलाता है। लिहाजा पुलिस को चकमा देने के लिए वारदात वाली रात वह अपने पिता नरेद्र का मोबाइल लेकर निकला था। उसका मोबाइल घर पर था। बाकी तीनों आरोपियों ने भी कोई मोबाइल नहीं लिया था। अजय की हत्या के बाद बचने के लिए दीपक और उसका दोस्त विकास फोर्टिस अस्पताल के पास कार से उतरकर पैदल घर पहुंचे।
सोशल मीडिया पर लगाई थी फोटो
पूछताछ में दीपक ने बताया कि अजय ने फेसबुक और अपने व्हाट्सएप प्रोफाइल पर उसकी बहन के साथ फोटो लगा रखी थी। इस वजह से उनकी बदनामी हो रही थी। इसी से नाराज होकर उन्होंने अजय से बदला लेने का मन बना लिया था। आरोपियों के अनुसार उनके घर वालों को भी ये नहीं पता था कि उन्होंने अजय की हत्या की है।