फरीदाबाद में दुष्कर्म के झूठे मामले दर्ज कराकर लोगों को ब्लैकमेल करने और मोटी रकम ऐंठ कर फरार हो जाने वाले एक गिरोह का कोतवाली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह की एक महिला को गिरफ्तार किया है, जब कि तीन अन्य की तलाश जारी है।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार महिला रीमा(काल्पनिक नाम) की सहेली ने इसी वर्ष 22 मार्च को कोतवाली थाने में बल्लभगढ़ निवासी एक व्यक्ति पर कोतवाली क्षेत्र के एक होटल में बुलाकर दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराया था। रीमा इस मामले में अपनी सहेली की गवाह बनी थी।
कोतवाली एसएचओ गुलाब सिंह ने बताया कि जांच के दौरान रीमा व उसकी सहेली द्वारा कराया गया मामला झूठा निकला।
दिल्ली और यूपी में दर्ज करा चुकी हैं कई मामले
गुलाब सिंह के मुताबिक जांच में पता लगा कि रीमा के साथ इस गिरोह में सहेली, उसका पति व भाई शामिल हैं। रीमा अपनी सहेली के भाई की पत्नी बन कर झूठा मामला दर्ज कराती थी। इस गिरोह ने दिल्ली के सुल्तानपुरी, गाजियाबाद के कविनगर, उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद और बुलंदशहर के कोतवाली थाने में दो झूठे मामले दर्ज करा रखे हैं।
जांच में पता लगा कि जिस मामले में रीमा शिकायत करती थी उसमें उसकी सहेली गवाह बनती थी, इसी प्रकार सहेली के मामले में रीमा गवाह होती थी। चारों आरोपी मूल रूप से बुलंदशहर निवासी हैं।
ऐसे फंसाती थीं लड़कों को
बल्लभगढ़ निवासी जिस व्यक्ति के खिलाफ रीमा की सहेली ने कोतवाली थाने में झूठा मामला दर्ज कराया था। उस व्यक्ति को इस गिरोह ने विजिटिंग कार्ड से फंसाया था। वह व्यक्ति भजन व जागरण करता है इस दौरान वह अपना विजिटिंग कार्ड कई लोगों को देता था, वहीं से गिरोह ने इसे फंसाया।
इसी प्रकार के एक गिरोह का पर्दाफाश सीआइए सेक्टर-30 पुलिस ने दो दिन पहले किया था। एक युवती सहित तीन लोगों को डबुआ कॉलेनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया था।
यह गिरोह भी अमीर लोगों को जाल में फंसाता था। उनकी आपत्तिजनक फोटो सार्वजनिक करने व दुष्कर्म के मामले में फंसा कर बदनामी का डर दिखा कर लाखों रुपये ऐंठता था। इस मामले में पुलिस ने डबुआ कॉलोनी निवासी मास्टर माइंड सतीश, उसकी गर्लफे्रंड पूजा, सतोष और कोसी निवासी जितेंद्र को गिरफ्तार किया था।