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गीतांजलि केस: एक साल बाद भी CBI के हाथ खाली

Thu, 03 Jul 2014 06:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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गुड़गांव में करीब सालभर पहले पुलिस लाइन में सीजेएम की पत्नी गीतांजलि की मिली लाश के मामले में सीबीआई के हाथ अब तक खाली हैं।
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पंचकूला के सेक्टर आठ में रहने वाले ओम प्रकाश की बेटी की सालभर पहले हुई संदिग्ध मौत का खुलासा अब तक नहीं हो सका है। पुलिस को गीतांजलि के शव के पास उसके सीजेएम पति रवनीत गर्ग की लाइसेंसी रिवॉल्वर मिली।
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इसमें से एक से अधिक गोली चलने की बात सामने आई। परिवारवालों ने पति व ननद के साथ सास के खिलाफ हत्या का संदेह जताया। बाद में जांच सीबीआई को सौंपी गई।

सीबीआई की ओर से पूरा होम वर्क करने के बाद मामले में हत्या का सुराग देने वाले के लिए इनाम की घोषणा की गई। इसके बाद से अब तक कुछ नहीं हुआ।

गीतांजलि के पिता कहते हैं कि अब तो उनके पास कोई मार्ग ही नहीं बचा है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करा सके। आरोपी पति की अंबाला में तैनाती है।

इस संबंध में सीबीआई में तैनात डीआईजी विनीता ठाकुर का कहना है कि अभी सीबीआई के पास कुछ कहने को नहीं है। मामले की जांच चल रही है।

कब क्या हुआ था
: 17 जुलाई 2013 की शाम को पुलिस लाइन में गीतांजलि का शव मिला था
: 18 जुलाई को पोस्टमार्टम किया गया
: 19 जुलाई के लिए डीसीपी वेस्ट ने एसआईटी का गठन किया
: 20 जुलाई को पुलिस ने रवनीत गर्ग व उसकी मां रचना गर्ग के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया
: 21 जुलाई को एसआईटी ने सीजेएम से चार घंटे तक पूछताछ की
: 22 जुलाई को सीजेएम के घर में सर्च अभियान, चचेरी बहन हिना, मां रचना गर्ग का बयान दर्ज। पुलिस ने  मोबाइल , लैपटॉप और रिवॉल्वर की बची गोलियां जब्त कीं। फारेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) व एसआईटी ने घर की दुबारा से छानबीन की।
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: 27 जुलाई को प्रदेश सरकार के आदेश पर सीबीआई ने मामले की छानबीन शुरू की।
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