गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी (जीबीयू) के प्रोफेसर पर छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप के तीन दिन बाद रविवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आरोपी प्रोफेसर को निलंबित कर दिया। छात्र एवं छात्राएं उसकी गिरफ्तारी और परीक्षाएं पीछे हटवाने की मांग कर रहे हैं।
यूनिवर्सिटी की ओर से इस प्रकरण की जांच के लिए दो कमेटी गठित कर दी गई जो पुलिस को रिपोर्ट देंगी। इसके बाद ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। पटना निवासी बीटेक की एक छात्रा ने प्रोफेसर रूपेंद्र पचौरी पर परीक्षा में बैठाने के नाम पर छेड़छाड़ और अश्लीलता करने का आरोप लगाया है।
उसने डीन से लेकर अन्य तीन अफसरों से शिकायत की थी। इनमें से दो अफसरों ने उसकी शिकायत को फाड़ दिया था और शांत रहने के लिए कहा। शुक्रवार दोपहर से पीड़िता छात्रा के पक्ष में धरना प्रदर्शन शुरू हो गया जो शनिवार तक जारी रहा।
छात्रों के दबाव में शनिवार रात आरोपी प्रोफेसर पर मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन छात्र उसकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। वीसी आवास पर रातभर धरने के बाद रविवार सुबह एक बार फिर सैकड़ों छात्र-छात्राएं एकत्र हुए और प्रशासनिक भवन में धरने पर बैठ गए।
अब तक 21 छात्राओं से अभद्रता का आरोप
लक्ष्मी चौहान
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मामला बढ़ता देख रजिस्ट्रार एएन उपाध्याय, इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान और थानाध्यक्ष शाहनजर अहमद छात्र-छात्राओं से बातचीत के लिए पहुंचे। उन्होंने लिखित में प्रोफेसर के निलंबन का आदेश छात्रों को दिखाया।
प्रोफेसर की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े छात्रों को बताया गया कि दो कमेटी जांच करेंगी और वह रिपोर्ट पुलिस को देगी, जिसके आधार पर प्रोफेसर की गिरफ्तारी की जाएगी।
छात्र-छात्राओं ने दो मई से शुरू होने वाली परीक्षा को पीछे हटाने की भी मांग की लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परीक्षा हटाने से इंकार कर दिया। रजिस्ट्रार और पुलिस अफसरों ने किसी तरह छात्र-छात्राओं को कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत किया।
धरना- प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर पिछले चार साल में 21 छात्राओं से अभद्रता कर चुका, लेकिन अभी तक किसी ने उसके खिलाफ आवाज नहीं उठाई थी। छात्र-छात्राओं ने सभी पीड़ित छात्राओं को एकत्र कर जांच कमेटी और पुलिस के समक्ष बयान कराने का भी दावा किया है।