जीबी रोड से पकड़े गए आफाक और उसकी पत्नी
- फोटो : एनडीटीवी
नेपाल समेत देश भर की करीब पांच हजार लड़कियों को देह व्यापार में धकेलने वाले आफाक हुसैन और सायरा के यूपी में कई नामचीन लोगों से संबंध बताएं जा रहे हैं।
दिल्ली पुलिस कुछ टीमें यूपी के अलग-अलग हिस्सों के लिए रवाना हो गई हैं।
माना जा रहा है कि छानबीन के बाद पुलिस कुछ लोगों कोपूछताछ के लिए बुला सकती है। इधर जीबी रोड पर आफाक व सायरा को मसल पॉवर उपलब्ध कराने वाले सरफराज उर्फ बिल्ली की तलाश में अपराध शाखा की टीम जगह-जगह छापेमारी कर रही हैं। सरफराज की तलाश के लिए पुलिस लुकआउट नोटिस भी जारी किया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस को आफाक के पास से दो डायरी मिली हैं। इनमें आफाक ने करोड़ों रुपये की लेन-देन का जिक्र किया है।
लेन-देन दिल्ली के अलावा यूपी के कई बड़े लोगों के बीच भी हुई हैं। इनमें कई नेता भी शामिल हैं। डायरी के हिसाब-किताब को देखकर लगता है कि आफाक हवाला का भी धंधा कर रहा था।
हालांकि पुलिस की पूछताछ में आरोपी हवाला की रकम लेन-देन की बात से इंकार कर रहा है। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि वह यूपी से चुनाव लडने के लिए वहां के नामचीन लोगों से संबंध बना रहा था।
अब बदनामी के डर से परेशान है आफाक
जीबी रोड से पकड़ा गया हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट और उनकी महंगी गाड़ियां
- फोटो : अमर उजाला
अक्सर वह मुरादाबाद, अमरोहा और संभल में सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने भी जाता था। पुलिस की एक टीम को बंगलूरू भी रवाना किया गया है। पुलिस को वहां से आफाक की दो गाडिय़ां भी बरामद करनी हैं।
इसके अलावा वहां पूछताछ के बाद आफाक की प्रॉपर्टी की भी जानकारी जुटानी है। बता दें कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने आरोपी दंपति समेत कुल आठ लोगों को देह व्यापार के काले धंधे में दबोचा था। दंपति को रोजाना 10 लाख रुपये की कोठों से आमदनी थी। पुलिस दंपति से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
बदनामी के डर से परेशान है आफाक
दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आफाक व सायरा को अपनी बदनामी का डर सताने लगा है। सूत्रों की मानें तो दोनों के बच्चों को उनके काले धंधों के बारे में जानकारी नहीं है।
यहां तक जिन इलाकों में यह लोग रहते हैं, वहां के लोग भी दोनों को बहुत सज्जन समझते हैं। दोनों को अब खतरा सता रहा है कि जब उनके बच्चों को उनके चरित्र का पता चलेगा तो उन पर क्या बीतेगी।
बता दें कि दोनों ने खुद को पाकसाफ रखने के लिए जीबी रोड के कोठों को अपने खास-खास गुर्गों के नाम पर खरीदा हुआ था। बदनामी के डर से यह खुद कभी जीबी रोड नहीं जाते थे। रुपयों का सारा हिसाब-किताब एयरपोर्ट की पार्किंग में होता था।