सामूहिक दुष्कर्म व अपहरण के मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को पीड़िता के विरोधाभासी बयान के चलते बरी कर दिया गया। अदालत ने कहा इन आरोपियों को झूठे मामले में फंसाए जाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
रोहिणी जिला अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिमला कुमारी ने कहा 14 वर्षीय पीड़िता की गवाही भरोसेमंद नहीं है। कोर्ट ने हैरानी जाहिर करते हुए कहा कई मौके होने के बाद भी पीड़िता ने शोर नहीं मचाया।
अदालत ने इस बात पर गौर किया कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पीड़िता का पिता जेल में आरोपियों से मिला था। आरोपियों का कहना था कि पीड़िता का पिता उन्हें ब्लैकमेल कर उगाही करना चाहता था।