14 साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंग रेप करने के अरोपियों के खिलाफ 22 दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं होने से पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए अधिकारियों की चौखट पर पड़े हैं।
लेकिन मेवात में डीएसपी पीड़ित परिवार को इंसाफ देने की बजाए अपने दफतर से डरा धमका कर भगा देती हैं। पीड़ित लड़की के पिता की अभी दो माह पहले ही मृत्यु हुई है। उसकी मां गम में चार महीने के लिये इद्दत में बैठी हुई है।
गरीबी व कमजोरी का फायदा उठाते हुए 14 वर्षीय पीड़िता को 22 जुलाई की शाम गांव भादस निवासी आमिर और मलाई निवासी खालिद बाइक पर जबरदस्ती बैठाकर लगभग 15 किलोमीटर दूर चिलावली गांव के जंगलों में ले जाकर रेप किया और उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि वे उसी दिन से वे महिला थाना नूंह में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं लेकिन थाने में महिला डीएसपी कार्रवाई करने कि बजाए उन्हें धमका कर भगा देती है। यहां तक कि उनसे अभद्रता से पेश आती हैं।
फैसला कराने का दबाव बनाती है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि महिला पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों से सांठ गांठ कर रखी है। दबाव बनाने के लिए उलटा आरोपियों से पैसे लेने का झूठा आरोप बनाकर उनको प्रताड़ित कर रही है। कई बार तो महिला डीएसपी ने उनको थाने में बैठाने कि धमकी तक दी है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब महिला थाना प्रभारी और डीएसपी ने उनकी एक नहीं सुनी तो उन्होंने इसकी शिकायत एसपी मेवात और रेवाड़ी रेंज कि आईजी से की लेकिन उच्च अधिकारियों से शिकायत करने पर डीएसपी और ज्यादा भड़क गई और कहती है कि जाओ अब उच्च अधिकारियों से भी कार्रवाई करवाओ।
वहीं डीएसपी शकुंतला का कहना है कि पीड़ित परिवार ने उसे कोई शिकायत नहीं दी है। उन्होंने एसपी और आईजी से शिकायत की है। उच्च अधिकारियों से शिकायत का आदेश मिलने के बाद जैसी भी जांच होगी कार्रवाई की जाएगी। वहीं डीएसपी ने पीड़ित परिवार पर अन्य आरोपियों को निकालने पर डेढ़ लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है।