दिल्ली के दक्षिण जिले के वसंतकुंज इलाके में शुक्रवार दोपहर जिस महिला का शव मिला था, उसके साथ तीन लोगों ने गैंगरेप किया था। बाद में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई।
महिला जिस सुरक्षा गार्ड पर भरोसा करती थी, वो भी उसकी आबरू लुटते देखता रहा। वसंतकुंज (नार्थ) थाना पुलिस ने दो आरोपी समेत सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चौथे आरोपी की तलाश की जा रही है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारी के अनुसार वसंतकुंज स्थित संजय वन के सुपरवाइजर ने महिला का शव पड़ा होने की सूचना शुक्रवार दोपहर में दी थी।
पति से अलग रहती थी महिला
देर रात महिला की पहचान विकासपुरी निवासी शीला (28 वर्ष, बदला हुआ नाम) के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार शीला अपने पति से अलग रह रही थी। उसके तीन बच्चे हैं।
महिला के पिता महरौली स्थित टीवी अस्पताल में तीन महीने से भर्ती हैं। वह पिता को देखने अस्पताल आती थी। इस दौरान वह पास में स्थित संजय वन में चली जाती थी।
यहां उसकी संजय वन के सुरक्षा गार्ड मनोज कुमार (45) से जान-पहचान हो गई। शीला मनोज कुमार को पिता समान मानती थी।
उधार मांगने गई थी महिला
मनोज कुमार ने अपने साले मनोज के दोस्त राकेश को करीब सात दिन पहले संजय वन की गार्ड की नौकरी पर रखवाया था। मनोज कुमार के पास मनोज और रणधौल भी आते थे। शीला ने छह अगस्त को मनोज कुमार से 300 रुपये मांगे।
मनोज ने उसे शाम छह बजे पैसे लेने के लिए बुलाया, छह बजे पैसे लेकर वह चली गई। रात करीब साढ़े आठ बजे वह फिर संजय वन आ गई और मनोज कुमार के पास बैठ गई।
इस दौरान मनोज, राकेश व रणधौल शीला को पार्क में खींचकर ले गए और वहां उसके साथ गैंगरेप किया। आरोपियों को डर था कि शीला पुलिस को सब कुछ बता देगी, इसलिए उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद शव झाड़ियों में फेंक दिया था।
मनोज कुमार को षड्यंत्र में किया गया गिरफ्तार
दक्षिण जिला पुलिस ने तीन आरोपी मनोज और राकेश के अलावा संजय वन के सुरक्षा गार्ड मनोज कुमार (जिससे मिलने शीला आती थी) को गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शीला की हत्या और सामूहिक दुष्कर्म में मनोज कुमार की कोई भूमिका नहीं है, मगर उसने आरोपियों का विरोध नहीं किया और पुलिस से बात छिपाई।
इस कारण उसे गिरफ्तार किया गया है। पुलिस रणधौल की तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शीला के राकेश के साथ दोस्ताना संबंध बन गए थे। राकेश शीला से शादी करने की बात भी कह रहा था।
आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए मौके से भागे नहीं। राकेश संजय वन में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता रहा। वह मौके से भागना चाहता था, मगर अन्य आरोपियों ने उसे सलाह दी थी कि अगर वह मौके से भाग गया तो पुलिस को उस पर शक हो जाएगा। इस कारण वह मौके से भागा नहीं।