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चार महीने में 7 हत्या करने वाला गिरोह गिरफ्तार, गैंग में एक महिला भी 

Tue, 06 Jun 2017 11:40 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गैंगस्टर मंजीत महाल गिरोह के शार्प शूटर विकास दलाल, उसकी एक महिला दोस्त और तीन अन्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के पहले आरोपियों ने पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग की थी। फायरिंग में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए।
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गिरफ्तार आरोपी पिछले चार महीने में हत्या के सात, हत्या के प्रयास के तीन व कार लूट की एक वारदात को अंजाम दे चुके हैं। आरोपियों के कब्जे से दो स्वचालित पिस्टल, 33 कारतूस समेत दो कट्टे व गुरुग्राम से लूटी गई क्रेटा कार बरामद हुई है।

पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार इसी साल 29 जनवरी को मंजीत महाल के पिता किशन की हत्या के बाद इस गैंग के सदस्यों ने कपिल सांगवान उर्फ नंदू गिरोह के कई सदस्यों को मार डाला।
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साथ ही कई सदस्यों पर जानलेवा हमला किया था। मंजीत महाल गिरोह के सदस्यों ने गुरुग्राम में विक्रांत, नजफगढ़ में दिनेश उर्फ मंगू और बहादुरगढ़ में नरेश की हत्या कर दी थी। इन वारदात को विकास दलाल, कप्तान उर्फ चीता व अन्य ने अंजाम दिया था।

पुलिस को 3 जून को सूचना मिली थी कि विकास दलाल साथियों व महिला दोस्त के साथ वारदात के उद्देश्य से उत्तम नगर आएगा। पुलिस टीम ने यहां घेराबंदी कर शार्प शूटर विकास दलाल को सरेंडर करने के लिए कहा।

आरोपी क्रेटा कार से उतर कर भागने लगा।  पुलिस टीम ने आरोपियों को ललकारा तो उन्होंने दो राउंड पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आखिरकार पुलिस टीम ने विकास दलाल (27) व उसके साथी गौरव उर्फ लकी (23), कप्तान उर्फ चीता उर्फ शेरा(22), हेमंत उर्फ हैप्पी (22) और महिला दोस्त टिकमू उर्फ रीना (23) को पकड़ लिया। पालम विहार, गुरुग्राम में हुई हत्या की वारदात में रीना वांछित थी।            
    
बेइज्जती का बदला लेने के लिए की थी हत्या         
झज्जर, हरियाणा निवासी विकास दलाल के परिवार का गांव के कुछ लोगों से विवाद हो गया था। इसके बाद उसका परिवार नजफगढ़ आ गया था। गांव के लोगों से बदला लेने के लिए विकास ने अपराध की दुनिया में कदम रखा था।

पैसे के लिए विकास दलाल ने साथी दिनेश राठी व भोल्ली के साथ मिलकर ताबरू, गुरुग्राम में ट्रक लूटा था। इस मामले में ये गिरफ्तार हुआ था और जेल में उसकी मुलाकात मंजीत महाल से हुई। वर्ष 2011 में जेल से बाहर आने के बाद इसने कृष्ण पहलवान गिरोह के बदमाश वरुण जांगरा के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू किया।

विवाद होने पर विकास ने वरुण का साथ छोड़ दिया तो वरुण ने विकास के पिता ओमप्रकाश की बेइज्जती कर दी थी। इस पर ओमप्रकाश ने खुदकुशी कर ली थी। इसका बदला लेने केलिए विकास ने साथियों के साथ अक्तूबर, 2014 में वरुण की हत्या कर दी थी।

बाद में ये पेरोल जंप कर गया और कृष्ण पहलवान की हत्या करने के लिए मंजीत महाल गिरोह में शामिल हो गया था। लूटपाट के केस में गिरफ्तार होने के बाद गौरव मंजीत महाल गिरोह के संपर्क में आया। कप्तान भी जेल में मंजीत महाल के संपर्क में आया था। रीना ने विकास के कहने पर रिंकू से जान-पहचान की थी। रीना ने जन्मदिन मनाने के बहाने रिंकू को गुरुग्राम बुलाया। यहां पर सेक्टर-23, यूनिवर्सिटी के पास रिंकू के हत्या कर दी थी।             
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