नोएडा में सस्ते टूर पैकेज के नाम पर ठगी करने वाले चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
ठगों ने मात्र 15,000 रुपये में थाईलैंड की यात्रा का सब्जबाग दिखाकर दो दर्जन लोगों से साढ़े तीन लाख रुपये ऐंठ लिए थे। चार दिन के पैकेज में आने-जाने का एयर टिकट, थ्री स्टार होटल में रहने व खाने का खर्च भी शामिल था। गिरफ्तार युवक टूर एंड ट्रेवल कंपनी खोल कर ठगी कर रहे थे।
एसपी क्राइम भारती सिंह ने बताया कि सात मार्च को वैल्लूर तमिलनाडु निवासी आरएम बालाजी ने थाना सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नोएडा के सेक्टर-10 स्थित ‘वर्ल्ड टाउन टूर’ नाम की एक कंपनी की वेबसाइट के जरिये उन्होंने अपने व 22 अन्य लोगों के लिए थाईलैंड टूर पैकेज बुक कराया था।
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जिसके लिए कंपनी ने तीन लाख पैंतालीस हजार रुपये ऑन लाइन पेमेंट अपने बैंक खातों में जमा कराई थी। टूर 24 फरवरी का था। इस बीच कंपनी ने थाई एयरवेज की टिकट ईमेल के जरिये भेजी। जब उन्होंने थाई एयरवेज से संपर्क किया तो पता चला कि टिकट फर्जी है।
इस जानकारी के बाद उन्होंने कंपनी के निदेशकों से बातचीत की तो उन्होंने थाईलैंड में इमरजेंसी लगने की बात कहते हुए वहां नहीं भेजने की बात कही। जब रुपये वापस मांगे तो उन्होंने पांच प्रतिशत काट कर पेमेंट देने की बात कही। इसके बाद जब नोएडा स्थित बालाजी कंपनी के दफ्तर पहुंचे तो वहां पता चला कि कंपनी फरार हो चुकी है।
मामले में साइबर सेल ने जांच शुरू की और मुखबिर व सर्विलांस के माध्यम से पुलिस ने शुक्रवार की रात कंपनी के तीन निदेशकों पल्लवपुरम फेज थ्री थाना मोदीपुरम मेरठ निवासी सुमित शर्मा, सिंचाई विभाग कालोनी मोदीपुरम मेरठ निवासी विशाल शर्मा व सीएच-182, मोदीपुरम मेरठ निवासी विवेक चौहान को सेक्टर-18 के एक मॉल में फिल्म देखने के दौरान गिरफ्तार कर लिया।
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उनकी निशानदेही पर सेक्टर-18 स्थित ओशियन प्लाजा की एक दुकान पर छापा मारा। यहां उन्होंने अपना ऑफिस बना रखा था। पुलिस को वहां से लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज, तीन डेस्कटॉप, पांच टाटा वॉकी लैंड लाइन फोन, चार फर्जी पेन कार्ड व पासबुक व पैंतीस हजार रुपये भी बरामद हुए। ठगी में शामिल पुष्प विहार मोदीपुरम मेरठ निवासी विक्रांत बजाज उर्फ रवि चौधरी को मेरठ से गिरफ्तार किया गया है।
मौज मस्ती के लिए बना ली बदमाश कंपनी
ठगी का मास्टर माइंड सुमित शर्मा डेढ़ साल पहले भी पुलिस के हाथ लगा था लेकिन उस वक्त वह बच निकला था। पंजाब में टूर पैकेज केनाम पर ठगी की थी। ठगी के शिकार लोग नोएडा पहुंचे थे और पुलिस की मदद से उसे पकड़ा था। मामला दर्ज न होने के कारण सुमित ने पीड़ितों का पैसा वापस कर पुलिस से अपनी जान बचाई थी। वहीं विशाल शर्मा बीटेक पास है और कुछ माह पहले ही गुड़गांव में 25 हजार रुपये माह की नौकरी छोड़ कर इस कंपनी से जुड़ गया था। उसके पिता सिंचाई विभाग में अधिकारी हैं। विवेक चौहान भी बीसीए पास है और उसके पिता एक राष्ट्रीय स्तर के अखबार में बड़े पद पर हैं। वहीं विक्रांत बजाज भी बीसीए पास है। मौज मस्ती के चक्कर में बदमाश कंपनी बना ली।
दक्षिण भारतीयों पर ही थी नजर
पुलिस के मुताबिक, सुमित व उसके साथियों ने अपनी वेबसाइट लांच कर रखी थी। वहीं दक्षिण भारत के अखबारों में सस्ते टूर पैकेज का विज्ञापन भी देते थे। उसके पीछे उनकी मंशा यह थी कि ठगी के शिकार लोग इतनी दूर नोएडा नहीं आ सकते हैं और अगर आते हैं तो ऑफिस नहीं खोज सकेंगे क्योंकि वे हर दो तीन माह में ऑफिस बदल देते थे।
थाने में डटी रही गर्ल फ्रेंड
सुमित व उसके साथियों को जिस वक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया उस वक्त सुमित एक फाइव स्टार होटल में बड़े पद पर कार्यरत अपनी गर्ल फ्रेंड केसाथ फिल्म देखने में मशगूल था। गिरफ्तारी के बाद सुमित की गर्ल फ्रेंड भी थाने पहुंच गई और उसे छोड़ने की जिद करने लगी। सुबह छह बजे पुलिस की फटकार के बाद ही वह थाने से हटी।