झुग्गीवासियों के प्लॉट हड़पने के मामले में एमसीडी के तीन पूर्व अधिकारियों समेत चार लोगों को चार साल कैद की सजा सुनाई गई है। मामला झुग्गीवासियों के प्लॉट पर फर्जी दस्तावेज बनवाकर आवंटन का है।
तीस हजारी स्थित विशेष न्यायाधीश हिमानी मल्होत्रा ने एमसीडी जेजे स्लम विभाग व लॉक कमेटी के मुखिया कुंदन लाल (66), लॉक कमेटी मेंबर राम चरणकमल व शंकर साहनी तथा प्रोपर्टी डीलर आरएस संधु को धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा व भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
भ्रष्टाचार रोकथाम ब्रांच (एसीबी) को अप्रैल 2011 में शिकायत मिली थी कि लाल, कमल व साहनी समेत एमसीडी के जेजे एंड स्लम विभाग के कई अधिकारी प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर गरीब लोगों के प्लॉट हथियाने के काम में लगे हैं।
कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने विदेशी लेखक के लेख का हवाला देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार की समस्या वेश्यावृत्ति से ज्यादा बुरी है। एक वेश्या केवल अपनी नैतिकता को खतरे में डालती है, जबकि भ्रष्ट अधिकारी अपने पूरे देश की नैतिकता को खतरे में डाल दे