एनएसजी सोसायटी निवासी 12वीं के छात्र मनीष खारी की मौत मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने-प्रदर्शन के दौरान नाइजीरियाई नागरिकों पर हुए हमलों के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
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विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने संगीन धाराओं में 10 नामजद और करीब 1200 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। साथ ही, पांच युवकों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
मनीष की मौत मामले में सोमवार रात नामजद पांच नाइजीरियाई नागरिकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परी चौक पर प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ ने जमकर उत्पात मचाया था। इस दौरान लोगों ने अंसल प्लाजा मॉल के भीतर दो नाइजीरियाई नागरिकों, मॉल के मार्ग पर कार में बैठे एक नागरिक और परी चौक पर पुलिस की मौजूदगी में एक बाइक सवार नाइजीरियाई पर हमला कर दिया था।
देर रात इस मामले को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उत्तर प्रदेेश सरकार से रिपोर्ट तलब की। इसके बाद से कासना कोतवाली पुलिस ने परी चौक पर हमले के मामले में बब्बल भाटी, जतन भाटी, सुरेंद्र भाटी, देेवेंद्र टाइगर, अजीत दौला, अमित लड़पुरा, अमित भाटी, हरेंद्र भाटी, विभूति सिंह व जोगिंद्र और अज्ञात लोगों पर आईपीसी की धारा 147, 148, 323, 307, 364 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की।
वहीं, इतने ही लोगों पर उपरोक्त धाराओं में एसोसिएशन ऑफ अफ्रीकन स्टूडेंट इन इंडिया के नेशनल एकेडमिक को-ओर्डिनेटर जहरुद्दीन ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं, अंसल प्लाजा में हुए हमले के मामले में नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, हत्या की कोशिश आदि कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
मामले की पड़ताल के लिए नाइजीरिया दूतावास से तीन सदस्यों का दल मंगलवार को कासना कोतवाली पहुंचा। यहां उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की। साथ ही, उन्होंने अफ्रीकन छात्र फेडरेशन के अध्यक्ष चार्ल्स से भी जानकारी ली। इसके बाद दूतावास का दल कैलाश अस्पताल पहुंचा और हमले में घायल हुए लोगों का हाल जाना।