मेवात में हिंदू-मुस्लिम भाईचारा पूरी दुनिया के लिए एक मिशाल है। जिसके उदाहरण समय-समय पर मिलते रहते हैं। यहां दोनों धर्मों के लोग एक दूसरे की भावनाओं, त्योहारों, मान्यताओं की पूरी कद्र करते हैं।
जिसका ताजा उदाहरण नूंह खंड के गांव मालब ने पेश किया है। मालब गांव के युवा सरपंच अमजद खान की ओर से आयोजित पंचायत में ऐसे फैसले लिए गए, जिससे गांव में सौहार्द बना रहे।
पंचायत की अध्यक्षता गांव के समाजसेवी साबिर हुसैन ने की। साबिर हुसैन ने बताया पंचायत में फैसला हुआ कि गांव में गोहत्या न तो कोई करेगा और न ही इस कार्य को करने वाले की गांव मदद करेगा। गोहत्या करने वाले पर कानून तो अपना काम करेगा ही, समाज की तरफ से 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
धार्मिक स्थलों के पास नहीं बिकेगी बिरयानी
धार्मिक स्थलों के आसपास, बाजार, बस स्टैंड आदि स्थानों पर पतीला बिरयानी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। जुआ-सट्टा और खुले में शराब व अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर भी पंचायत में प्रतिबंध लगाया गया।
इन निर्णयों का उल्लंघन करने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा तथा कानूनी कार्रवाई के लिए गांव कानून का साथ देगा, न कि दोषी का। बता दें कि नूंह खंड का मालब गांव काफी बडा गांव है और इसमें अधिकांश मुस्लिम आबादी है।
जबकि हिंदुओं की संख्या भी अच्छी है। इस गांव का इतिहास रहा है कि कहीं भी धार्मिक उन्माद फैला हो, लेकिन गांव में हमेशा शांति रही है।
भाईचारा बिगड़ने नहीं देंगे
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- फोटो : Bureau
गांव में दिल्ली-अलवर रोड पर एक विशाल मंदिर हैं, जिसकी रक्षा मुसलमानों ने की है। पंचायत में मौजूद साबिर हुसैन, भाजपा के कोषाध्यक्ष ज्ञानचंद आर्य, डॉ. संजय, अमरसिंह प्रजापति, रामसिंह प्रजापति, हारुण नंबरदार, पूर्व सरपंच इकबाल, फतेह मोहम्मद मेंबर पंचायत, रोशन, मोहम्मद यूसूफ, इब्राहिम, कासिम ने कहा कि गांव में वे कोई ऐसा कार्य नहीं होने देंगे, जिससे आपसी भाईचारा खराब हो, एक-दूसरे की भावनाओं को ठेस पहुंचे।
उनके गांव का आपसी भाईचारे की मिसाल दी जाती है, जिसे वे किसी भी सूरत में बिगडने नहीं देंगे। उन्होंने ग्रामीणों का आह्वान किया कि सभी मिलजुल कर सामाजिक बुराइयों को रोकने में सहयोग करें।
पंचायत में बुजुर्गों के अलावा भारी संख्या में युवाओं ने भी भाग लिया और सभी ने अपने गांव से सामाजिक बुराइयों को पूरी तरह समाप्त करने की शपथ ली। ग्रामीणों ने कहा कि गोहत्या जब पूरे प्रदेश में बंद हैं और इसके कारण हमारे अपनों की भावनाएं आहत होती हैं तो हमें यह कार्य कतई नहीं करना चाहिए। वहीं हिंदू समाज की ओर से भाजपा के कोषाध्यक्ष ज्ञानचंद आर्य ने पंचायत को भरोसा दिलाया कि उनके समाज का कोई व्यक्ति गांव के आपसी भाईचारे में कभी व्यवधान नहीं डालेगा।