फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी खुलासा बताकर हाईवे-58 किया जाम, हंगामा

Wed, 30 Dec 2015 01:07 AM IST
अमर उजाला, मोदीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी स्कूल की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुजाता की हत्या को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने एनएच-58 पर जाम लगाकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने गिरफ्तार प्रदीप और धर्मेंद्र को निर्दोष बताते हुए पुलिस पर फर्जी खुलासे का आरोप लगाया।
विज्ञापन


मृतका की सास ने रालोद नेता रणवीर दहिया पर भाड़े के हत्यारों से हत्या कराने और प्रदीप को फंसाने का आरोप लगा तहरीर दी है। पुलिस-पीएसी ने बल प्रयोग कर जाम खुलवाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण नहीं माने।

बाद में एसपी देहात राकेश पांडेय और विधायक सुदेश शर्मा के समझाने पर ग्रामीणों को गुस्सा शांत रहा। करीब एक घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।

मंगलवार सुबह करीब पौने नौ बजे शेरपुर गांव से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली से कोतवाली पहुंचे व हाईवे जाम कर हंगामा किया। सूचना मिलते ही मुरादनगर, भोजपुर, निवाड़ी थाने की पुलिस व पीएसी मौके पर पहुंची।
विज्ञापन


प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रदीप व धर्मेंद्र निर्दोष हैं। रालोद के प्रदेश महासचिव रणवीर दहिया ने साजिश कर दोनों को फंसाया है।

मृतका सुजाता की सास बीना ने रणवीर दहिया के विरुद्ध भाड़े के हत्यारों से सुजाता की हत्या कराने व साजिश कर उनके बेटे प्रदीप को फंसाने की तहरीर दी है। एक घंटा जाम के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

ये है मामला
मेरठ बहसूमा निवासी सुजाता की शादी शेरपुर गांव में संजीव के साथ हुई थी। ससुर सेंसरपाल की मौत के बाद संजीव और संजीव की मौत के बाद सुजाता को सरकारी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मी के रूप में नौकरी मिली थी।

सुजाता दो बच्चों और छोटी बहन सोनिया के साथ सौंदा रोड पर रहती थी। 28 दिसंबर को जगतपुरी कालोनी स्थित सरकारी स्कूल में जाते वक्त सुजाता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

करोड़ों की संपत्ति के लालच में मृतका के देवर प्रदीप और नौकर धर्मेंद्र पर हत्या का आरोप लगाया गया है। पुलिस दोनों को जेल भेज चुकी है।

जांच कर ले पुलिस
मेरा हत्या से कोई लेना देना नहीं है। मेरे खिलाफ जो तहरीर दी गई है, पुलिस उसकी जांच कर ले। पुलिस जांच में प्रदीप और धर्मेंद्र दोषी पाए गए हैं। - रणवीर दहिया, रालोद नेता
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें