शाहदरा निवासी तीन वर्षीय बच्ची बीनू के पिता द्वारा काटे गए दोनों कानों की पहली सर्जरी एम्स दिल्ली में सफल रही है और अब डॉक्टर तीन महीने के बाद दोबारा प्लास्टिक सर्जरी कर कृत्रिम कान तैयार करेंगे। डॉक्टरों का दावा है कि बीनू की उम्र बेहद कम है, इसलिए पूरी संभावना है कि उसे दोबारा सुनाई देगा।
एम्स के ट्रामा सेंटर में भरती बीनू का इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि दोनों कान पूरी तरह से कटे हुए थे, इसलिए सबसे पहले प्लास्टिक विभाग के डॉक्टरों ने पहली सर्जरी कर कटे टिशू व नसों को जोड़ते हुए घाव को ठीक किया है। घाव को भरने में करीब दो से तीन महीने लगेंगे। घाव के ठीक होने के बाद बच्ची के कृत्रिम कान को बनाने का काम होगा। इसके लिए दोबारा से प्लास्टिक सर्जरी होगी।
हालांकि उससे पहले घाव ठीक होने जरूरी हैं। बच्ची की उम्र बेहद कम है। साथ ही अंदर जख्म नहीं हैं, इसलिए पूरी संभावना है कि जैसे -जैसे उम्र बढ़ेगी कानों में सुनाई देने की क्षमता में भी सुधार होता जाएगा।
बता दें कि शाहदरा जिले के जीटीबी एंक्लेव इलाके में पिता ने गृह शांति के लिए अपनी तीन साल की बच्ची बीनू के दोनों कान काट दिए थे और बलि देने की तैयारी कर रहा था। हालांकि 11 साल की बड़ी बेटी बीनू के रोने से जाग गयी, जिसके चलते उसने अपनी मां को जगाया। इसके बाद मां समेत अन्य लोगों ने आरोपी पिता को पकड़ते हुए और पुलिस के हवाले कर दिया था।