गांव घरौड़ा में एक दुकानदार द्वारा उधार सामान देने से मना करना उस समय महंगा पड़ गया, जब कुछ युवकों ने उस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। घायल अवस्था में उसे बीके सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। आरोप है कि पुलिस कंट्रोल रूम व पुलिस चौकी में लगातार फोन करने के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। अभी मामला दर्ज नहीं किया है।
जानकारी के मुताबिक घरौड़ा निवासी विजय की गांव में फास्ट फूड की दुकान है। उसके बेटे सुनील ने बताया कि 500 व 1000 रुपये का नोट बंद होने के कारण विजय ने भी उधार देना बंद कर दिया है। रविवार शाम करीब छह बजे दो युवक बर्गर लेने गए थे। आरोप है कि उन्होंने पहले ही काफी उधार सामान लिया हुआ था। इसलिए विजय ने सामान देने से मना कर दिया। जिसके कारण विजय और युवकों के बीच बहस हो गई। शाम करीब 7:30 बजे विजय दुकान बंद कर घर जा रहा था। रास्ते कुछ युवकों ने लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया। हमले के दौरान उनका एक कान कट गया और वह बेहोश हो गए। हमलावर मौके से भाग गए।
सुनील का आरोप है कि घटना की सूचना कई बार पुलिस कंट्रोल रूम और पुलिस चौकी चांदपुर की। लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। उधर, छायसां पुलिस चौकी इंचार्ज महेंद्र शर्मा का कहना है कि दुकानदार के साथ मारपीट करने की अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया जाएगा।