ब्वायफ्रेंड की करतूत के बाद फैसले के लिए पड़ रहे दबाव के कारण तनाव झेल रही छात्रा आखिर टूट गई। धोखे और लगातार उस पर लग रहे लांछन से दुखी होकर उसने आत्मदाह जैसा कदम उठा लिया।
परिजनों की माने तो पुलिस की नाक के नीचे सीबीआई कर्मी के आरोपी बेटे की एक टीचर और आरोपी का दोस्त छात्रा व परिजनों पर फैसले का दबाव डाल रहे थे।
उसके परिजनों को फेसबुक प्रोफाइल से चुराया हुआ एक फोटो दिखाकर छात्रा पर लांछन लगाते थे। सीबीआई कर्मी की ताकत और उसकी ऊंची पहुंच की धमकी देते थे। एक सप्ताह से छात्रा इस कदर तनाव में आ गई थी कि उसे इस दौरान अस्पताल में भी भर्ती कराना पड़ा था।
मूलरूप से बिहार के रहने वाले छात्रा के परिवार में दो छोटे भाई और मां-बाप हैं। पिता छोटा-मोटा काम करते हैं और गुजर बसर करने के लिए पार्ट टाइम नौकरी भी करते हैं।
पिता की मेहनत से प्रभावित बिटिया पालीटेक्निक कर पिता के कंधे से जिम्मेदारियों का बोझ हल्का करना चाहती है। छात्रा जल्द ही पालीटेक्निक की परीक्षा देने की तैयारी कर रही थी।
27 मार्च को हुई इस वारदात के बाद से वह जैसे टूट सी गई थी। पिता के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह बेटी ने पहले बोतल में रखा केरोसिन पी लिया और फिर खुद पर छिड़ककर आग लगा दी। घटना से कुछ देर पहले ही वह नहाकर आई थी, जबकि उसकी मां बाथरूम में नहाने गई हुई थी।
छात्रा के पिता ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे बेटी ने इशारा कर अपने पास बुलाया और बताया कि आरोपी की टीचर ने जो फोटो दिखाया है, वह उसने नहीं भेजा।
फेसबुक से चुराया हुआ है। वह अब उस पल को कोस रही है जब उसने आरोपी छात्र से दोस्ती की। उसने बताया कि आरोपी के एक दोस्त ने शनिवार को समझौता न करने पर उसे और पिता को गोली मारने की धमकी दी थी।
करीब सप्ताह भर पहले टीचर ने घर आकर फोटो मां को दिखाया था। उस फोटो को देखने के बाद ही छात्रा डिप्रेशन में आ गई थी। उसी रात छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
लगातार पड़ रहे दबाव के चलते वह टूट गई और यह कदम उठाया। कुछ लोगों का यह भी कहना था कि आरोपी दो-तीन दिन पूर्व ही इलाके में देखा गया था। हालांकि पुलिस इस बात से इंकार कर रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी अभी तक मेरठ के बाल सुधार गृह में है। उधर देर रात तक परिजनों ने इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी थी।
एसओ विजयनगर हरिदयाल यादव का कहना है कि तहरीर आने पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। मुख्य आरोपी के फरार साथियों की भी तलाश की जा रही है।
क्या हुआ था 27 मार्च को
27 मार्च 2015 दोपहर साइबर कैफे जाते वक्त पड़ोस में रहने वाले सीबीआई कर्मी के नाबालिग बेटे ने छात्रा को अपने दोस्तों के साथ कार में अगवा कर लिया था और देर शाम बेसुध हालत में लाल कुआं पर फेंक गया था।
इस दौरान आरोपियों ने छात्रा को बुरी तरह पीटा था। पिटाई के चलते उसके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। छात्रा के पिता ने आरोपियों के खिलाफ विजयनगर थाने में छेड़खानी, पोक्सो एक्ट, बहला फुसलाकर अगवा करने की धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसे बाल सुधार गृह भेज दिया था।