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रंगदारों के नए-नए गिरोह जमा रहे अपनी पैठ

Fri, 04 Jul 2014 12:00 PM IST
राजेश भाटी/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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दादरी, ग्रेटर नोएडा और दनकौर में रंगदारी वसूली करने वाले गिरोहों में लगातार इजाफा हो रहा है। छुटभैये और युवा भी रंगदारी वसूली करने के धंधे में उतर रहे हैं। एक साल के दौरान कई नए नाम सामने आए हैं। वारदातों को रोकने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।
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गौतमबुद्धनगर जनपद में सुंदर भाटी और नंदू उर्फ रावण गिरोह का नाम चर्चा में रहा है। नंदू को बिजनौर में हमले में मार दिया था। उसके बाद गिरोह की कमान अनिल दुजाना ने संभाल ली।

रंगदारी वसूली के लिए क्षेत्र को कब्जाने को लेकर गैंगवार चली आ रही थी। छह माह पहले दोनों गिरोह के बीच आपस में समझौता हो चुका है। समझौता होने के बाद दोनों के नाम पर कुछ छुटभैया बदमाशों द्वारा भी धमकी देकर रंगदारी वसूली का प्रयास किया जा रहा है।
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ऐसे ही मामलों में दादरी में तीन और दनकौर में दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। रंगदारी वसूली करने के लिए अपना नाम सुर्खियों में लाने के लिए नरौली गांव का एक बदमाश सक्रिय हुआ है।

इस गिरोह में 18 से 25 साल की उम्र के युवक शामिल किए हैं। इनके द्वारा व्यापारी का नंबर हासिल करना, धमकी देना और रंगदारी से मना करने पर हमला या हत्या तक की जाती रही है। इस बदमाश ने दादरी में सर्राफ से रंगदारी वसूली के लिए सरेआम हमला किया। पांच लाख रुपये नहीं देने पर सरेआम ट्रांसपोर्ट विनय जोशी की हत्या कर दी गई।

इसी दौरान बढ़पुरा के तीन युवकों ने दादरी के रेडीमेड शोरूम सॉरी मैडम के मालिक पर रंगदारी वसूली के लिए हमला किया। एक हमलावार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद सरिया व्यापारी मनोज और कपड़ा व्यापारी को धमकी दी गई है। वहीं दनकौर में तीन गिरोह रंगदारी वसूली करने में जुटे हैं। इन गिरोहों को पुलिस ने अभी गैंगस्टर की कार्रवाई भी नहीं की है।

क्षेत्र में भयभीत हैं व्यापारी और बिल्डर
क्षेत्र में व्यापारी और बिल्डर भयभीत हैं। भय के चलते ही अधिकांश व्यापारियों ने अपने बोर्ड से अपने मोबाइल नंबर ही हटा दिए हैं। एसपी (देहात) डा. बृजेश कुमार का कहना है कि रंगदारी वसूली करने के लिए कई नए युवा बदमाश सक्रिय हुए हैं। युवा नए बदमाश होने पर उनको पकड़ने में दिक्कतें आ रही हैं। पुराने और नए गिरोहों से जुटे करीब बीस से तीस ऐसे बदमाश सक्रिय हैं जो रंगदारी वसूली करने वाले गिरोह के लिए काम कर रहे हैं। ऐसे बदमाशों को चिह्नित करके पकड़ने का काम किया जा रहा है।
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