दिल्ली-एनसीआर व पड़ोसी राज्यों में पांच और दस रुपये के नकली सिक्के बनाकर देश की अर्थव्यवस्था को खोखला करने वाले मास्टरमाइंड को दबोच लिया है। आरोपी की पहचान उत्तम नगर, दिल्ली निवासी स्वीकार लूथरा (39) के रूप में हुई है। वह अपने भाई उपकार लूथरा के साथ मिलकर दो दशकों से अधिक समय से नकली सिक्कों का धंधा कर रहा था।
फिलहाल इसका भाई नेपाल में है। पुलिस ने स्वीकार के पास से 17,390 रुपये के नकली सिक्के बरामद किए हैं। इसकी गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस आयुक्त ने 50 हजार रुपये का इनाम रखा था।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि अक्तूबर 2016 में नकली सिक्के बनाने के कई गैंग के पकड़े जाने के बाद स्वीकार लूथरा व उपकार लूथरा दोनों भाइयों के नाम सामने आए थे।
इस बीच स्पेशल सेल की टीम को सूचना मिली कि स्वीकार लूथरा उत्तम नगर के मोहन गार्डन इलाके में आने वाला है। सूचना के बाद मारुति सिलेरियो कार समेत स्वीकार लूथरा को दबोच लिया गया। उसकी कार से पांच और दस रुपये के नकली सिक्के बरामद हुए। आरोपी स्वीकार लूथरा ने पिछले सभी वारदात में खुद के शामिल होने की बात को स्वीकार की है।
ऐसे बनाते थे नकली सिक्के
हाइड्रॉलिक मशीन, खराद मशीन, सरफेस ग्राइंडर और मैटेलिक शीट के जरिये स्वीकार और उपकार लूथरा अपने साथियों के साथ मिलकर आसानी से नकली सिक्के बना लेते थे। शुरुआत में उपकार ने देहरादून में गुलशन गंभीर के साथ मिलकर काम शुरू किया। लेकिन बाद में गुलशन की मौत के बाद उपकार और स्वीकार खुद मैदान में उतर आए।
स्वीकार ने 2010 में दिल्ली के सतीश के साथ मिलकर नकली सिक्कों का धंधा शुरू किया। सतीश के पैसे से काम शुरू किया गया, लेकिन दोनों के बीच विवाद हो गया। इधर स्वीकार को भी पुलिस पकड़ती रही और वह जमानत पर छूटता रहा।
2011 में रानीबाग इलाके में पंकज गुप्ता कबाड़ी के साथ दोबारा काम शुरू किया। बाद में उत्तम नगर में हिसार निवासी रमेश वर्मा के साथ काम शुरू हुआ। 2015 में रमेश ने धंधे में नरेश, गुलशन, सचिन और अन्य को जोड़ा तो स्वीकार व रमेश का झगड़ा हो गया।
अक्टूबर वाली गिरफ्तारी से है संबंध
10 के सिक्के
सिक्के बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा में स्वीकार व रमेश के बीच तकरार हो गई। स्वीकार व उसके भाई उपकार ने रमेश की हत्या के लिए सुपारी दे दी। फरवरी 2016 में फरबिसगंज, बिहार में तीन लोगों ने सिर में गोली मारकर रमेश की हत्या कर दी।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ा तो उन्होंने स्वीकार और उपकार के नामों का खुलासा किया। इससे पूर्व खुद स्वीकार ने सतीश नामक अपने पार्टनर पर गोली चलाकर उसे जख्मी भी कर दिया था।
7 अक्तूबर 2016 को स्पेशल सेल ने गुलशन कुमार व सचिन उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर 5.85 लाख रुपये से अधिक के नकली सिक्के बरामद किए थे। पूछताछ के दौरान उपकार व स्वीकार का नाम सामने आया था।
एक अक्तूबर को बवाना इलाके में नरेश कुमार को गिरफ्तार कर 10 रुपये के सिक्के बरामद किए गए थे। इसमें भी स्वीकार का नाम सामने आया था। वहीं बिहार में सुपारी देकर रमेश की हत्या व सतीश पर जानलेवा हमले के आरोप में भी उसकी तलाश थी।