शराब के नशे में धुत पुलिस कर्मियों ने शुक्रवार की रात को मेवात मेडिकल कालेज के सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की। विरोध में जब उनका मेडिकल होने लगा तो नूंह पुलिस ने बवाल मचा दिया। मेडिकल कालेज के छात्र व स्टाफ के लोग हड़ताल पर है। थाना प्रभारी नूंह को बर्खाश्त करने की मांग कर रहे हैं।
शुक्रवार की रात करीब 11 बजे मेवात पुलिस के तीन जवान बलदेव सिंह, प्रमोद कुमार व निरंजन सिंह कालेज परिसर में गश्त के लिए आए। आरोप हैं कि इन तीनों पुलिसकर्मियों ने शराब पी हुई थी और नशे में धुत थे।
मेडिकल कालेज में लगे बैरीकेट के पास जब वे गाड़ी लेकर पहुंचे तो वहां तैनात सुरक्षाकर्मी जब्बार खान को धमकाने लगे कि हमारे अफसर को सलाम कर। सुरक्षा गार्ड के मना करने पर नशे में धुत पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट कर दी।
जिससे मौके पर अन्य सुरक्षागार्ड व सुरक्षा सुपरवाईजर पहुंच गए और शराब पिएं पुलिसकर्मियों को मेडिकल जांच के लिए इमरजेंसी वार्ड में ले गए। घटना की सूचना मेडिकल कालेज के संपदा अधिकारी डा. शिबादत्ता को दी गई और वे मौके पर पहुंचे, जहां से उन्होंने नूंह थाना प्रभारी संजय यादव को घटना की सूचना दी।
आरोप हैं कि थाना प्रभारी ने आते ही वहां मौजूद डाक्टरों से बदतमीजी शुरू कर दी और थाने से और पुलिसबल बुलवा लिया। इसी दौरान कालेज की लाइब्रेरी में पढाई कर रहे एमबीबीएस के छात्र भी वहां पहुंच गए।
जैसे ही वह पुलिसबल पहुंचा, उसने आव देखा न ताव वहां मौजूद छात्रों, डाक्टरों, सुरक्षाकर्मियों पर लाठीचार्ज कर दिया। जिसमें मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र आजम खान, अमनदीप, अंकुश सिवाच, कपिल, नितिन शर्मा, अनय गोयल, तसलीम खान, नितिश वर्मा, रवि बेनीवाल, जशवीन, विशाल, अमित, सुमित, सचिन, हेमंत, अंकित, अमित, दीपक, पुनीत यादव, संग्राम समेत करीब 30 छात्र घायल हो गए। वहीं सुरक्षाकर्मी दीपचंद के सिर में भी गहरी चोट आई। जिनका मेडिकल कालेज में ही इलाज चल रहा हैं।
पुलिस वैन आग के हवाले
इस दौरान रात के 2 बजकर 35 मिनट पर मेवात पुलिस की एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। जिसे लेकर पुलिस ने गाड़ी को आग लगाने का आरोप वहां मौजूद भीड पर लगाया हैं, वहीं मेडिकल कालेज के छात्रों व स्टाफ ने पुलिस वालों पर ही गाड़ी को आग लगाने का आरोप लगाया हैं।
जिसकी वीडियो भी छात्रों ने बनाई हुई हैं। साथ ही जली हुई गाड़ी को लेने के लिए जब सुबह पुलिस पहुंची तो वहां मौजूद मेडिकल कालेज के स्टाफ व छात्रों ने उसका विरोध किया और कहा कि गाडी ले जानी हैं तो लीगल तरीके से लेकर जाओ।
इस पर तैश में आए डीएसपी आशीष चौधरी ने कहा कि गाड़ी हमारी हैं, हमने जलाई और अब हम लेकर जा रहे हैं तो आपको इससे क्या लेना। उनका यह बयान छात्रों के पास मौजूद वीडियों में स्पष्ट हैं। जिस पर छात्रों ने मांग की हैं कि जब पुलिस ने ही गाडी जलाई है तो उन पर सरकारी संपत्ति के नुकसान का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
सुरक्षाकर्मियों ने किया झगडा: नूंह जिला मुयालय डीएसपी आशीष चौधरी का कहना हैं कि मामले की जांच चल रही हैं और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सत कार्यवाई की जाएगी।
पीसीआर नंबर-2 रात के समय गश्त पर आई थी, जहां चेकिंग के दौरान कुछ गार्डों से पुलिसकर्मियों की झडप हो गई और गार्डों ने उन पर हमला कर दिया और बंधक बनाकर एमरजेंसी में ले गए।
जब एसएचओ पुलिसकर्मियों को छुडाने के लिए फोर्स लेकर आया तो वहां मौजूद भीड ने उनके साथ बदतमीजी की, जिसके कारण झगडा बढ गया। अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में हैं। मामले की जांच की जा रही हैं।
मेडीकल कालेज के छात्रों का कहना हैं कि जब तक एसएचओ संजय यादव को बर्खास्त नहीं किया जाता, अन्य पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज नहीं हो जाता और मेडीकल कालेज के किसी ा व्यक्ति पर कोई कार्यवाई न होने का लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक कालेज, अस्पताल को खुलने नहीं दिया जाएगा।
...............दिनेश देशवाल