फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉ. कपिल भाटी आत्महत्या कांड में पुलिस को मिली साक्ष्यों की सील खोलने की अनुमति

Fri, 15 Jul 2016 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
प्रेम प्रसंग में की आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
डॉक्टर कपिल भाटी आत्महत्या मामले में बृहस्पतिवार को अदालत ने पुलिस को आदेश दिया है कि जांच अधिकारी किसी राजपत्रित अधिकारी के समक्ष डॉक्टर के पास से बरामद मोबाइल व सात पेज के सुइसाइड नोट की सील खोल सकता है।
विज्ञापन


साथ ही, इलेक्ट्रानिक एविडेंस की जांच सेंटर फॉर साइबर क्राइम इनवेस्टिगेशन (सीसीसीआई) में कराई जाएगी। जिस पिस्टल से डॉक्टर ने खुद को गोली मारी उसकी बैलेस्टिक जांच भी कराई जाएगी। वहीं, अभी तक पुलिस डॉक्टर की आरोपी महिला मित्र और छत्तीसगढ़ के आरोपी डीएसपी से पूछताछ नहीं कर पाई है।

एनयूआरएम में तैनात डॉक्टर की 3 जुलाई की मौत के बाद पिता इंद्रजीत भाटी ने उसकी महिला मित्र पर धोखाधड़ी और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में केस दर्ज कराया। 
विज्ञापन


साथ ही, भाई व छत्तीसगढ़ के डीएसपी पर भी गंभीर आरोप लगाए। सुइसाइड नोट से खुलासा हुआ कि कपिल ने जिस पिस्टल से गोली मारी वह प्रेमिका ने उसे दी थी। कपिल की महिला मित्र भी डॉक्टर है। दोनों ने दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल में साथ काम किया है। महिला रायपुर छत्तीसगढ़ की रहने वाली है।
विज्ञापन

पिस्टल की होगी बैलेस्टिक जांच

प्रेम प्रसंग में की आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला
यह है मामला
मूलत: ग्रेनो के मकौड़ा गांव निवासी डॉ. कपिल भाटी (30) की कुछ माह पहले ही तैनाती एनयूएचएम में हुई थी। एनयूएचएम का प्राइमरी हेल्थ सेंटर वह अपने घर में ही चलाते थे। 

रविवार को वह वैगनआर कार में सेक्टर-27 स्थित सब मॉल की पार्किंग में गए। वहां डॉ. कपिल ने करीब सात पेज का सुइसाइड नोट लिखा। इसके बाद एक पेज पर भाई का नंबर लिखा और घटना के बाद सूचना देने के लिए कहा। 

इसके बाद चचेरे भाई को कपिल का मेसेज मिला कि कि वह सुइसाइड करने जा रहा है और उसका शव सब माल की पार्किंग में कार में मिलेगा। सभी घटनास्थल की ओर दौडे़ तो कार अंदर से बंद थी। कार का शीशा तोड़कर कपिल को बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सीसीसीआई में होगी जांच
डॉक्टर कपिल के पास से बरामद सभी इलेक्ट्रानिक एविडेंस की जांच सेक्टर-6 स्थित सेंटर फॉर साइबर क्राइम इनवेस्टिगेशन (सीसीसीआई) में की जाएगी। मोबाइल से कितने मेसेज व व्हाट्स ऐप चैट किस-किस से की गई है, उसका भी खुलासा जांच के बाद हो जाएगा। 

वहीं, शुरू से लेकर 3 जुलाई तक जिस दिन डॉक्टर ने खुदकुशी की तब तक मोबाइल का पूरा डॉटा एकत्र किया जाएगा। यह सारी प्रक्रिया दो दिन के भीतर कर ली जाएगी। पुलिस को भरोसा है कि आरोपी पक्ष पर लगाए गए आरोपों की सत्यता प्रमाणित हो जाएगी।

डॉक्टर की मौत के बाद जो भी सबूत उसके पास से बरामद किए गए हैं, उन्हें सील कर दिया गया था। सील खोलने की अनुमति कोर्ट से मांगी गई थी। अनुमति मिल गई है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, उसके बाद प्रेमिका, परिजनों व आरोपी डीएसपी से पूछताछ की जाएगी। जांच में तथ्य सही पाए गए तो आरोपियों की फौरन गिरफ्तारी भी की जाएगी।
- डा. गौरव ग्रोवर, एएसपी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें