दिल्ली के प्रीत विहार इलाके से छह जुलाई को पांच करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अगवा डॉ.श्रीकांत और पकड़े गए चार बदमाशों को लेकर दिल्ली पुलिस की टीम बृहस्पतिवार को दिल्ली पहुंच गई।
मुठभेड़ के बाद काबू किए गए बदमाशों की पहचान रोहटा रोड, मेरठ निवासी प्रमोद कुमार (44), गांव खडी, मीरापुर, मुजफ्फरनगर निवासी अमित कुमार (37), शताब्दी नगर, मेरठ निवासी सोहनवीर गुर्जर (49) और गांव शब्बीरपुर, बडगांव, सहारनपुर निवासी नेपाली उर्फ गोवर्धन (44) के रूप में हुई है।
प्रमोद के पैर में गोली लगी है। मुख्य साजिशकर्ता दोनों भाई गांव दादरी, दौराला, मेरठ निवासी सुशील मोतला (32) और अनुज मोतला (28) व दो अन्य आरोपी गौरव शर्मा और विवेक मोदी अभी फरार हैं।
पूर्वी रेंज के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि सुशील व अनुज ने कई माह पूर्व ओला कंपनी से फिरौती मांगने की योजना बनाई थी। इसके लिए 4 जुलाई को फर्जी कागजात से एक वैगनआर कार ओला में रजिस्टर्ड करवाई।
6 जुलाई की रात को सुशील कार लेकर मैक्स अस्पताल पटपड़गंज के पास मौजूद था। इसी दौरान ओला के कॉल सेंटर में गौतम नगर के लिए प्रीत विहार मेट्रो स्टेशन के नीचे से एक कॉल आई।
कैब चालक सुशील तुरंत वहां पहुंच गया। उसने डॉक्टर श्रीकांत को कैब में बिठाया। सुशील की श्रीकांत पहली ही सवारी था। सुशील कुछ ही दूर लेकर कैब चला था, इसी दौरान सेंट्रो कार सवार चार बदमाशों ने कैब रुकवा ली और सभी उसमें सवार हो गए।
कैब को मेरठ ले जाया गया। इधर, ओला कैब को फिरौती की कॉल मिली तो पुलिस हरकत में आ गई। दो डीसीपी, चार एसीपी, पूर्वी रेंज के स्पेशल स्टाफ, एएटीएस, स्पेशल सेल की टीम छानबीन में लगी।
यूपी पुलिस का भी सहयोग लिया गया। बदमाश श्रीकांत के मोबाइल से कॉल कर रहे थे। लोकेशन गाजियाबाद, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़, मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार की मिल रही थी।
150 पुलिस कर्मियों की टीम को अलग-अलग स्थानों पर लगाया गया। एक सुराग पर रविवार को पैसे लेने के बहाने मेरठ के सकोती में पुलिस से बदमाशों की हल्की मुठभेड़ भी हुई, लेकिन बदमाश मौके पर कार छोड़कर भागने में कामयाब हो गए।