विजयनगर से तीन जुलाई से लापता अपंजीकृत चिकित्सक बिजेंद्र यादव (35) का शव दनकौर में आम के पेड़ से लटका मिला है। प्लास्टिक की रस्सी उनके गली में बंधी थी।
बुधवार को मृतक के परिजनों ने एक सूदखोर पर अपहरण कर हत्या का आरोप लगाते हुए विजयनगर थाने का घेराव किया।
दूसरी तरफ, सीमा विवाद के चलते पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। दनकौर पुलिस विजयनगर और विजयनगर पुलिस दनकौर का मामला बताकर उन्हें टरका रही है।
बिजेंद्र विजयनगर के कृष्णानगर की लठमार कालोनी में परिवार के साथ रहते थे। परिवार में पत्नी इंदिरा और दो बेटों सचिन (13) और अभिनव (6) हैं। बिजेंद्र अपंजीकृत चिकित्सक थे और रात में क्रासिंग्स में गार्ड की नौकरी भी करते थे।
इंदिरा ने बताया कि पति ने बिहारीपुरा निवासी एक सूदखोर से तीन माह पूर्व 10 हजार रुपये लिए थे। पैसे नहीं देने पर सूदखोर आए दिन परेशान करता था।
तीन जुलाई को आरोपी सूदखोर कुछ लोगों के साथ आया और पति को पीटता हुआ घर से ले गया। देर रात तक पति के घर न पहुंचने पर उन्होंने तलाश किया, मगर पता नहीं चला।
इंदिरा ने बताया कि छह जुलाई को उसके पति का शव दनकौर में आम के पेड़ से लटका मिला। पति के जेब से निकले क्रासिंग्स के कार्ड से पुलिस ने क्रासिंग्स संपर्क किया तो उन्हें वारदात का पता चला।
बुधवार को इंदिरा आसपास के लोगों के साथ विजयनगर थाने पहुंची और पति की हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। लेकिन विजयनगर पुलिस ने उन्हें दनकौर जाने की सलाह दी।
इंदिरा ने बताया कि वह पहले दनकौर गई थी, वहां से उसे विजयनगर में रिपोर्ट लिखाने को कहा गया था। इस संबंध में एसएचओ विजयनगर उपेंद्र यादव का कहना है कि मामला दनकौर का है। वहीं पोस्टमार्टम हुआ है, वहीं रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।