गैंगस्टर संदीप गाड़ौली एनकाउंटर मामले में छह माह से चल रही कानूनी लड़ाई में परिजनों ने गुड़गांव पुलिस के बाद अब मुंबई पुलिस पर सवाल खड़ा कर दिया है।
उनका कहना है कि जब दिव्या पाहुजा ने अदालत में अपनी जमानत अर्जी में कहा है कि उसे संदीप से मिलाने वाला मनीष खुराना है तो वह उस पर हाथ क्यों नहीं डाल रही है।
छह माह की छानबीन के दौरान गैंगस्टर संदीप गाड़ौली की बहन सुदेश का आरोप है कि मुंबई पुलिस जानबूझ कर मामले में रुचि नहीं ले रही है। उसके भाई की हत्या का आरोपी मनोज गुर्जर खुलेआम गुड़गांव में घूम रहा है।
वह अदालत में अपने भाई की पेशी के दौरान मिलने आ रहा है। पर मुंबई पुलिस को नहीं दिख रहा है। हरियाणा पुलिस का एएसआई परमजीत जो फरार चल रहा है। उसे भी गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है।
खतरे में दिव्या का परिवार
दिव्या पाहूजा
- फोटो : सोशल मीडिया
इनके बाहर रहने से उनके परिवार को भी खतरा बना हुआ है। मुंबई की एसआईटी किस प्रेशर में है। उनके समझ में नहीं आ रहा है। गुड़गांव पुलिस संदीप की तलाश में गोवा व हरिद्वार जा चुकी है। जिसके साथ मनीष खुराना भी रहता था।
संदीप के उस साथी पर एसआईटी क्यों मेहरबान है यह समझ में नहीं आ रहा है। परिजनों का आरोप है कि एसआईटी को उनसे बातचीत करने का समय नहीं है पर अदालत में तारीख के दिन मनीष खुराना को आसानी से एसआईटी के लोगों से बातचीत करते देखा जा सकता है।
परिजनों ने पूरे मामले में भाई की हत्या में शामिल अन्य लोगों को भी जांच के दायरे में लाने की मांग की है। उनको जांच के नाम पर बाहर करने से उसे मिलने वाले न्याय पर असर दिख रहा है।
गौरतलब है कि मनीष खुराना वही है जिससे पहले गैंगस्टर बिंदर गुर्जर का विवाद हो चुका है। मुंबई जाते समय दिव्या पाहुजा व मनीष खुराना भी कार में साथ थे।