मुआवजे की मांग को लेकर इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन (आईएमटी) के किसान बुधवार को अतिरिक्त उपायुक्त जितेंद्र दहिया से मिले। इस दौरान किसानों ने राजस्व विभाग के अधिकारी पर मुआवजा राशि देने के बदले सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने इस संबंध में जांच करने का आश्वासन दिया है। बता दें हरियाणा राज्य औद्योगिक संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने गांव चंदावली, मच्छगर, सौतई, मुजैड़ी, नवादा की 1832 एकड़ भूमि अधिग्रहण किया था।
मुआवजा कम होने की सूरत में किसान हरियाणा-पंजाब हाईकोर्ट में चले गए। कोर्ट ने किसानों का मुआवजा बढ़ाने का फैसला सुनाते हुए एचएसआइआइडीसी को बढ़े मुआवजा देने के आदेश दिए।
लेकिन मुआवजे को लेकर एचएसआईआईडीसी ने कभी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। जिसे लेकर किसानों ने धरना दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया लेकिन समस्या ज्यों की त्यों रही।
इससे नाराज किसानों ने मंगलवार को आईएमटी स्थित एचएसआईआईडीसी के कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। बुधवार दोपहर करीब एक बजे किसान संघर्ष समिति आईएमटी के प्रधान रामनिवास नागर के नेतृत्व में किसान अतिरिक्त उपायुक्त जितेंद्र दहिया से मिले और उन्हें समस्या बताई।
साथ ही एक किसान ने राजस्व विभाग के अधिकारी पर मुआवजा राशि 1.22 करोड़ दिलाने की एवज में एक लाख रुपये सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया।
एडीसी ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही एचएसआईआईडीसी अधिकारियों से बातचीत कर 17 अक्तूबर तक मुआवजा राशि दिलवाने का आश्वासन दिया है। वहीं, जिला राजस्व अधिकारी राजेंद्र सिंह ने किसान के आरोप को निराधार बताया है।