साकेत इलाके के लाडो सराय में दिल्ली पुलिस के एक सिपाही ने पारिवारिक कलह के कारण फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की शिनाख्त सुभाष (42) के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है।
नोट में सुभाष ने अपने दो सालों और सास-ससुर को मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर दोनों साले पंकज, अमित, सास प्रेमवति और ससुर राजकुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही रही है।
पुलिस के मुताबिक सुभाष अपने परिवार के साथ एफ-270, लोडा सराय में रहता था। इसके परिवार में पिता रतन सिंह, मां दो भाई व बहन हैं। फिलहाल पिछले कुछ सालों से सुभाष साकेत थाने में सिपाही तैनात था। वर्ष 2007 में सुभाष की मालवीय नगर निवासी हेमलता से शादी हुई थी।
इनके यहां छह साल का एक बेटा लक्षित है। परिजनों के मुताबिक शादी के कुछ ही दिनों बाद सुभाष व उसकी पत्नी हेमलता के बीच अनबन रहने लगी। हेमलता और उसका परिवार सुभाष व उसके परिवार को दहेज के मामले में फंसाने की धमकी देने लगा। सुभाष व उसके परिवार के खिलाफ थाने में दहेज उत्पीडन की शिकायत भी कर दी गई। जिसके बाद इसी साल सुभाष के खिलाफ मामला भी दर्ज हो गया।
परिवार के मुताबिक पत्नी और ससुराल वालों के रवैया से सुभाष काफी परेशान रहता था। इसी वजह से वह पिछले कुछ दिनों से थाने से भी छुट्टी पर चल रहा था। बृहस्पतिवार शाम के समय सुभाष का भाई दूसरी मंजिल स्थित उसके कमरे में पहुंचा तो उसने भाई को पंखे से लटका पाया।
मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस को सुभाष की जेब से एक हिन्दी में लिखा सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने ससुराल वालों को मौत के लिए जिम्मेदार बताते हुए अपने घर वालों को परेशान न करने की पुलिस से गुहार लगाई। पुलिस ने शुक्रवार दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद सुभाष का शव परिजनों को सौंप दिया है।