क्राइम ब्रांच एनआईटी ने दिल्ली के शातिर गैंग दीपक पंडित के दो शार्प शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से भारी संख्या में हथियार बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक दोनों बदमाश वर्ष 2004 से मर्डर केस में उम्र कैद की सजा काट रहे थे।
यह करीब 3 महीने पहले ही पैरोल पर जेल से बाहर आए थे। गैंगस्टर दीपक पंडित की दुश्मनी दूसरे गैंग लीडर रवि गंगवाल से है। क्योंकि दीपक पंडित व रवि गंगवाल दिल्ली एरिया में सट्टा बाजार और गांजे के धंधे पर अपना-अपना एकछत्र राज करना चाहते थे।
डीसीपी एनआईटी रमेश पाल ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान बताया कि क्राइम ब्रांच एनआईटी प्रभारी अनिल छिल्लर की टीम को सूचना मिली की प्रह्लादपुर रोड सूरजकुंड गोल चक्कर के पास हथियारों से लैस दो शातिर बदमाश आने वाले हैं जो किसी वारदात को अंजाम देंगे।
सूचना पर क्राइम ब्रांच ने अपना जाल बिछाकर दोनों बदमाशों को धर दबोचा। पकड़े गए बदमाशों की पहचान दीपक पंडित गैंग के सदस्य चन्द्र प्रकाश निवासी मकान नंबर बी 872 संगम बिहार दिल्ली व आश मोहम्मद निवासी मकान नंबर ए 80 संगम बिहार नई दिल्ली के रूप में हुई। इनसे भारी संख्या में अवैध हथियार बरामद किया गया।
सख्ती से पूछताछ करने पर बदमाशों ने बताया कि दीपक पंडित ने जेल से ही अपने किसी साथी के माध्यम से उन्हें हथियार उपलब्ध करवाए थे। उन्होंने खुलासा किया कि रवि गंगवाल को अस्पताल या फिर साकेत कोर्ट में मारने का प्लान था क्योंकि जिस जेल में रवि गंगवाल बंद है, वहां उसे व उसके दूसरे साथियों को दीपक पंडित के साथी लड़ाई कर जेल में घायल कर देंगे।
वह इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होगा। डीसीपी ने बताया कि रवि गंगवाल और उसके गैंग ने आश मोहम्मद की बहन की हत्या कर दी थी। जेल के अन्दर ही चन्द्र प्रकाश के ऊपर भी रवि गंगवाल ने हमला किया था।