डासना जेल में बंद सचिन तोमर (30) की रविवार दोपहर रहस्यमय हालात में मौत हो गई। उसका फंदा लगा शव अस्पताल के बाथरूम में लटका मिला। वह दो साल से पत्नी की हत्या के आरोप में बंद था।
पेशे से वकील था और सीए की तैयारी भी कर रहा था। जेल प्रशासन का कहना है कि डिप्रेशन में उसने सुसाइड किया है। जबकि परिजन हत्या का अंदेशा जता रहे हैं। उनका कहना है कि जेल प्रशासन ने शव को मॉर्चरी भेज दिया और उन्हें इसकी सूचना तक नहीं दी।
सचिन राकेश मार्ग ए-ब्लॉक का रहने वाला था। 10 जुलाई 2013 को पत्नी नीतू की मौत के बाद परिजनों ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें सचिन, उसके पिता और उसकी मां जेल गए थे।
सात माह बाद मां को जमानत मिल गई, जबकि एक सप्ताह बाद ही पिता की बीमारी से मौत हो गई थी। जेल अधीक्षक एसपी यादव ने बताया कि दोपहर करीब पौने तीन बजे अस्पताल के बाथरूम में सचिन का शव मिला, उसने बाथरूम की ग्रिल से गमछा बांधकर गले में फंदा लगाया हुआ था।
सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसने आत्महत्या क्यों की, यह पता नहीं चल सका है। सचिन के बड़े भाई राजू तोमर अमेरिका में वैज्ञानिक हैं जबकि छोटा भाई दुष्यंत सॉफ्टवेयर इंजीनियर।
दुष्यंत ने बताया कि वह 21 सितंबर को सचिन से मिलने जेल गया था। तब वह परेशान था। दुष्यंत ने आरोप लगाया कि पिता चंद्रपाल किडनी के मरीज थे। उन्हें जेल में दवा नहीं दी गई थी। इससे उनकी मौत हुई।
पहले पति और अब बेटे को मार डालेंगे: माया देवी
सचिन की मां माया देवी से मौत की बात छिपाते हुए बताया गया था कि उनका बेटा सचिन जेल में बीमार है, ताकि उन्हें सदमा न लगे।
इस पर माया देवी का कहना था कि पहले जेल में पति की हत्या कर दी गई थी, अब बेटे को भी जेल में मार दिया जाएगा। यह कहते हुए वे रोने लगीं।
गमछे पर था ‘बैन’
पूर्व एसपी सिटी शिव हरि मीणा ने जेल हवालात की कारागार में गमछा लेकर आए बंदियों की चेकिंग की थी और हिदायत दी थी कि जेल में गमछा लेकर नहीं जाएंगे।
रामपुर से हुई थी शादी
सात मई 2013 को सचिन की शादी नीतू निवासी रामपुर से हुई थी। 10 जुलाई 2013 को नीतू की मौत हो गई थी। मायकेवालों ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।