डेनमार्क निवासी महिला से सामूहिक दुष्कर्म मामले में पांच दोषियों की सजा पर अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद फैसला एक दिन के लिए सुरक्षित रख लिया।
अभियोजन पक्ष ने दोषियों की अधिकतम सजा देने की मांग की तो बचाव पक्ष ने नरमी बरतने का आग्रह किया। पेश मामला 14 जनवरी 2014 की रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के नजदीक का है।
मामले में पीड़िता, चश्मदीद गवाह का बयान व अन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपियों को छह जून को दोषी ठहराया था।
एक दिन के लिए सुरक्षित रखा गया था फैसला
कोर्ट
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तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार-द्वितीय ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद दोषियों की सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया।
अदालत इस मामले में दोषी साबित हो चुके महेंद्र गंजा, मोहम्मद राजा, राजू, अर्जुन, राजू छक्का को शुक्रवार को सजा सुनाएगी।
विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि पीड़िता व चश्मदीद शिवजी सिंह का बयान, मेडिकल व डीएनए समेत फोरेंसिक साक्ष्य हैं जिनके आधार पर पांचों आरोपियों को सजा सुनाई जा सकती है।