पार्टी टुनाइट, रिजल्ट सेलिब्रेशन, ग्रुप डिस्कशन, हॉलीडे मसाला, मॉल पार्टी
चौंकिए मत, ये सभी कोड वर्ड हैं। बड़ों के लिए नहीं, बच्चों के लिए। असल में यह कोड बच्चों और किशोरों के लिए होने वाली पार्टियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इन पार्टियों की फीस 100 रुपए से लेकर 1000 तक होती है।
कीमत इतनी कम रखी गई है ताकि बच्चे और किशोर आसानी से इनका हिस्सा बन सकें। घरवालों को भी इसकी खबर नहीं होती। इसके लिए बाकायदा पूरी टाइमिंग और मेन्यू भी दिया जाता है। एंट्री से ठीक पहले पेमेंट कर बच्चे आसानी से यहां मनचाहा नशा कर सकते हैं।
किशोरों को जमा करने के लिए उनके फेवरेट टाइम पास फेसबुक, ट्विटर और व्हॉट्सएप पर ऐसी पार्टियों के कोड मैसेज भेजे जाते हैं। साइबर सिटी यानि गुड़गांव में नशे की इन पार्टियों का प्रचलन जोरों पर है। शहर के कई पब-बार में चोरी-छिपे हो रही इन पार्टियों में 12 से 16 साल के किशोर शामिल हो रहे हैं।
स्थानीय डीटी मॉल स्थित 'बज्ज बार' में पिछले साल 15 मार्च को नशे की पार्टी करते सौ से ज्यादा बच्चे पकड़े गए। पुलिस को यह तक पता नहीं लग पाया कि आखिर पार्टी आयोजित किसने की।
हालांकि, नशे की पार्टियों के ऐसे ही खेल के चलते पुलिस ने कई पब और बार पर निगरानी रखनी शुरू कर दी है। इंटरनेट पर कई लिंक मिलते हैं, जिनमें पार्टियों का पूरा मेन्यू दिखाया जाता है। (ऐतियात के तौर पर हम उन वेबसाइटों के पते प्रकाशित नहीं कर रहे हैं)
ऐसा नहीं है कि मामला बड़े नशों का ही है। हुक्का भी नौजवानों को अपनी तरफ खूब खींच रहा है। हुक्के को अक्सर उस नाम से पुकारा जाता है जो अरब देशों में प्रचलित है - शीशा। वहां हुक्के को शीशा ही कहा जाता।
टीनएजर्स को हुक्का बार का चाव चढ़ाने के लिए फ्लेवर्ड हुक्का जिनमें सेलमन, कॉर्डिमॉम, लेमन मिंट, चॉकलेट, रोज सिगार, एनर्जी शीशा, ब्लू बेली, ग्रीन मिंट, पाइनेप्पल, समारोफ-69, कच्ची कली, पान रस, पान मसाला, पान रसना, ऑफ्टर-8 आदि उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
दिन में होने वाली ऐसी पार्टियों में हैप्पी आवर्स के नाम पर बीयर के कांबो ऑफर भी शामिल हैं। जिसमें आसानी से बच्चे फंस रहे हैं। इन पार्टियों में ज्यादातार स्कूल में पढ़ने वाले किशोरों को शामिल किया जाता है। स्कूल से ही बच्चों को सीधे हुक्का बार तक लाने के लिए ऐसी पार्टियों को दिन में आयोजित किया जाता है।
ये तो सिर्फ बानगी है। आगे पढ़िए, ऐसे तीन और अपराध जिनको करने में बड़े-बड़ों के पसीने छूट सकते हैं लेकिन इन्हें अंजाम देने वाले बच्चे और किशोर हैं...