नेट बैंकिंग से जुड़े फोन नंबर का दूसरा सिम जारी करवा साइबर ठगों ने डीडीए के रिटायर्ड उपनिदेशक के खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए । पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
सेक्टर 97 में रहने वाले सीआरसी शर्मा दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के रिटायर्ड उपनिदेशक हैं। उनके मुताबिक 26 अक्टूबर 2016 की शाम उनके पास अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उनके बैंक का अधिकारी बताते हुए उनका एटीएम ब्लॉक किए जाने की जानकारी दी।
एटीएम दोबारा एक्टिवेट कराने के लिए उनसे उनका फोन नंबर सत्यापित कराने को कहा। कॉल करने वाले ने उनसे एटीएम कार्ड से रजिस्टर किया गया मोबाइल नंबर मैसेज करने को कहा। उन्होंने मोबाइल नंबर भेज दिया।
कुछ समय बाद मोबाइल कंपनी से मैसेज आया कि उनका मोबाइल नंबर दूसरे सिम पर एक्टिवेट कर दिया गया है। इस बीच उन्हें बैंक से यह मैसेज भी आया कि नेट बैंकिंग के जरिये उनके खाते से दो बार में पचास हजार रुपये की रकम किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर की गई है।
उन्होंने तुरंत ही बैंक अधिकारी को फोन कर उनका खाता ब्लॉक कराने को कहा। इसके बाद उन्होंने मोबाइल कंपनी से भी नंबर ब्लॉक करने को कहा। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस को भी दी, तब साइबर सेल ने जांच की।
शिकायत सही पाए जाने और धोखाधड़ी से पचास हजार रुपये निकाले जाने की पुष्टि होने के बाद शनिवार को थाना सराय ख्वाजा में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। एसएचओ सराय ख्वाजा इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।