रमेश (29) अपने परिवार का इकलौता वारिस था। उसके पिता पूरी तरह अशक्त हैं। बड़े भाई की कुछ वर्ष पहले मौत हो गई थी। घर में पत्नी, अशक्त पिता व मां के अलावा और कोई नहीं है। टीवी मैकेनिक की दुकान चलाने रमेश के पास करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी थी।
उसकी इस प्रॉपर्टी पर उसके चचेरे भाइयों की नजर थी। चचेरे भाइयों को लगता था कि अगर वह रमेश को मार देंगे तो प्रॉपर्टी उनकी हो जाएगी। इसी चक्कर में उन्होंने रमेश को शराब पिलाने के बाद गला घोंटकर मार डाला। बेटे की मौत के बाद अशक्त पिता की हालत खराब हो गई है। वे बेहद सदमे में हैं।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार 27 अप्रैल की सुबह फतेहपुरबेरी इलाके के भाटी कलां गांव के पास एक युवक का शव मिला था। युवक की गला घोंटकर हत्या की गई थी। अगले दिन युवक की पहचान तिगड़ी निवासी रमेश के रूप में हुई थी।
फतेहपुरबेरी थाना पुलिस हत्या का मामला दर्जकर एसआई विकास राणा, हवलदार रमेश व सिपाही अभिलाष की टीम तफ्तीश कर रही थी। रमेश के परिजनों ने नेबसराय थाने में रमेश के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। नेबसराय थाना पुलिस भी मामले की जांच कर रही थी। 29 अप्रैल को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था।
फतेहपुरबेरी थाना पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस के आधार पर रमेश के चचेरे भाई अजय व विशाल और उनके दोस्त राहुल को गिरफ्तार कर लिया। अजय ने रमेश की हत्या की साजिश रची थी। उसने विशाल व राहुल को रमेश की प्रॉपर्टी में से हिस्सा देने का वादा किया था।
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले रमेश को शराब पिलाई थी और फिर उसे बहाने से फतेहपुरबेरी थाना इलाके में ले गए। यहां तीनों ने मिलकर रस्सी से गला घोंटकर रमेश की हत्या कर दी। रमेश की कुछ महीने पहले ही शादी हुई थी। आरोपी अजय कबूतर उड़ाकर सट्टा खेलता था। विशाल फोटोग्राफी करता था। राहुल कुछ काम नहीं करता।